
नई डील के बाद अमेरका ने ईरान को एक और धमकी दे दी है। ब्रसेल्स में नाटो देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ कहा कि अगर ईरान अपने वादे पर खरा नहीं उतरा तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है और होर्मूज में फिर नाकाबंदी लगा सकता है। राष्ट्रपति की तरफ से मिले निर्देश के मुताबिक, अगर ईरान अपनी बातचीत से थोड़ा भी पलटा तो अमेरिका पहले से तैयार है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा है। अमेरिका का कहना है कि ईरान को कुछ शर्तें माननी होंगी। अगर वो समय पर पूरा नहीं किया तो पुरानी सख्ती वापस लाई जाएगी।
हेगसेथ ने कहा- अगर ईरान ने जो कहा वो नहीं किया तो हम लोहे जैसी नाकाबंदी दोबारा लगा सकते हैं। बता दें कि आज ही अमेरिका और ईरान के बीच औचारिक रूप से नई डील पर हस्ताक्षर हुए हैं, उसके ठीक बाद यह बयान सामने आया है।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ NATO सहयोगियों से मिले और वहां उन्होंने ईरान मुद्दे पर अमेरिका की मजबूत स्थिति रखी। उन्होंने जोर दिया कि बातचीत जारी है लेकिन अमेरिका कोई जोखिम नहीं लेगा। अगर जरूरत पड़ी तो सैन्य विकल्प भी खुला रहेगा।
बता दें कि ईरान पर फिर से नाकाबंदी का मतलब है कि तेल निर्यात पर रोक, बैंकिंग लेनदेन बंद और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में दिक्कतें। पहले भी जब ऐसी नाकाबंदी लगी थी तो ईरानी अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी।
आम ईरानी नागरिकों के बीच महंगाई और रोजगार की समस्या बढ़ गई थी। अब अगर दोबारा ऐसा हुआ तो ईरान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
ईरान की सरकार पहले ही कह चुकी है कि वो अपने अधिकारों की रक्षा करेगी, लेकिन आर्थिक दबाव उसके लिए बड़ा चैलेंज है।
मिडिल ईस्ट में शांति के लिए यह बयान नई चुनौती है। अगर अमेरिका ने नाकाबंदी लगाई तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जो भारत जैसे आयातक देशों को सीधे प्रभावित करेगा। पेट्रोल-डीजल महंगा होना आम आदमी की जेब पर बोझ डालेगा।