
Vessel Attacked in Hormuz: ओमान के तट के पास स्थित शिनास (Shinas Port) के नजदीक एक बार फिर कमर्शियल जहाज पर हमले की घटना सामने आई है। इस घटना ने समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, यह हमला उस इलाके में हुआ है जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बहुत करीब माना जाता है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल और व्यापार मार्गों में से एक है।
बताया जा रहा है कि जिस जहाज पर हमला हुआ है उसका नाम एमटी जलवीर (MT Jalveer) है। इस जहाज पर करीब 20 भारतीय नागरिक सवार थे। हालांकि, अब तक उनकी सुरक्षा और स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना के बाद संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
भारतीय अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर करीबी नजर रखी हुई है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित समुद्री सुरक्षा एजेंसियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है ताकि जहाज पर सवार लोगों की स्थिति की सही जानकारी मिल सके।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब गल्फ ऑफ ओमान (Gulf of Oman) और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इससे पहले भी एक पलाऊ झंडे वाले जहाज पर हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय सेलर सवार थे। दुखद रूप से इस घटना में 3 लोगों की मौत हो गई थी। इस तरह की लगातार घटनाएं समुद्री सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
अमेरिकी और ईरानी सैन्य झड़प के कारण एकबार फिर भारत सरकार की टेंशन बढ़ गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का एकबार फिर तेल व गैस पर असर पड़ सकता है। मिडिल ईस्ट संकट के कारण भारत में महंगाई की मार भी पड़ रही है। होर्मुज होकर लगभग 50 फीसदी LNG गैस भारत आयात होता है। वहीं, लगभग इतना ही कच्चा तेल भारत इस रास्ते इम्पोर्ट करता है। ऐसे में भारत सरकार को आने वाले समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, कुछ घंटे पहले ओमान में भारतीय जहाज पर हमला भी हुआ था।