
militia drone attack.photo- AI
Drone attack in Iraq: सऊदी अरब ने इराक में एक बड़ा हमला नाकाम करते हुए ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा दागे गए ड्रोन को मार गिराया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया पर जारी बयान ऐसे समय आया है जब हफ्तों से जारी तनाव के बाद अमेरिका और ईरान ने सप्ताहांत में अपने हमले रोक दिए थे।
ससऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय से जारी सूचना के अनुसार उसके वायु रक्षा बलों ने ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा इराक से दागे गए कई ड्रोनों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया है। ये ड्रोन देश की राजधानी रियाद और पूर्वी प्रांत में स्थित महत्वपूर्ण पेट्रोलियम संयंत्रों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। ईरान की इस कोशिश को विफल कर दिया गया है।
एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते खतरों को भांपते हुए ड्रोनों को मार गिराया। क्षेत्रीय तनाव
हाल के दिनों में खाड़ी देशों के ऊपर हवाई हमलों और ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है।इस घटना से क्षेत्रीय सुरक्षा और इराक से ऑपरेट होने वाले सशस्त्र समूहों पर लगाम कसने का दबाव बढ़ गया है।
सऊदी अरब ने दो दिन पहले कहा कि उसके नेतृत्व वाले बलों ने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला किया है। इससे पहले ईरान समर्थित हूती समूह ने दावा किया था कि उसने सप्ताह की शुरुआत में लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया था। लाल सागर में हमलों से तनाव की स्थिति बन रही है। हूती विद्रोहियों ने बीते सप्ताह सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, यदि हूती विद्रोही आगे भी ऐसे हमले करते हैं तो अमेरिका इसके लिए ईरान को जिम्मेदार मानेगा। यह बयान हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल टैंकरों पर हमले का दावा करने के बाद आया था। ट्रंप ने कहा कि यदि हूती विद्रोही फिर हमला करते हैं तो अमेरिका इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराएगा, क्योंकि हूती ईरान के प्रतिनिधि और उसके समर्थन से काम करने वाला समूह हैं। ऐसी स्थिति में ईरान और स्वयं हूती, दोनों को भारी सैन्य सजा दी जाएगी।
Updated on:
27 Jul 2026 06:58 pm
Published on:
27 Jul 2026 06:36 pm
