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पाकिस्तान में वार्ता विफल होने के बाद क्या अब खुल जाएगा होर्मुज? IRGC ने कर दिया स्पष्ट

Iran Israel US conflict: पाकिस्तान में अमेरिका के साथ वार्ता में ईरान ने इस स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की मांग की, जबकि अमेरिका ने इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में पूरी तरह खोलने पर जोर दिया।
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Apr 12, 2026
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क्या वार्ता के विफल होने के बाद खुलेगा होर्मुज (Photo-X)

Strait of Hormuz Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में हुई वार्ता 21 घंटे चली, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने घोषणा की कि ईरान ने अमेरिका की शर्तें स्वीकार नहीं कीं। ईरानी पक्ष ने इसे अमेरिका की अनुचित और अत्यधिक मांगों का नतीजा बताया। दरअसल, दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद के केंद्र में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य), ईरान का परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय संघर्ष शामिल थे।

क्या खुल जाएगा होर्मुज? 

अमेरिका के साथ वार्ता विफल होने के बाद ईरान की सैन्य संस्था इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की प्रतिक्रिया सामने आई है। सैन्य संस्था ने स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका अर्थ है कि जो पहले स्थिति बनी हुई थी, वो आगे भी जारी रहेगी। दरअसल, इस रास्ते को ईरान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा हमला करने के बाद बंद कर दिया था। 

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल निर्यात का लगभग 20-30% हिस्सा संभालता है। ईरान ने युद्ध के दौरान यहां माइन्स बिछाकर यातायात को प्रभावित किया था, जिससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ीं। 

पाकिस्तान में अमेरिका के साथ वार्ता में ईरान ने इस स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की मांग की, जबकि अमेरिका ने इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में पूरी तरह खोलने पर जोर दिया। 

होर्मुज से गुजारे दो युद्धपोत

ट्रंप प्रशासन ने दो अमेरिकी युद्धपोत (डेस्ट्रॉयर) होर्मुज से गुजार दिए और माइन्स साफ करने का अभियान शुरू कर दिया। अमेरिकी सेना (CENTCOM) का कहना है कि यह वैश्विक व्यापार के हित में जरूरी कदम है। ईरान ने इस दावे को खारिज किया, लेकिन तथ्य यह है कि यातायात धीरे-धीरे बढ़ रहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्ट्रेट जल्द ही साफ हो जाएगा। 

क्या है दोनों देशों की मांगें

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते को लेकर दोनों पक्षों की मांगें इस प्रकार हैं

ईरान की मांगें: वार्ता शुरू होने से पहले ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए कुछ प्रमुख शर्तें रखीं, जिनमें शामिल हैं—

  • अमेरिका-इज़राइल हमलों से हुए नुकसान के लिए आर्थिक मुआवजा
  • क्षेत्र में उसके सहयोगी (प्रॉक्सी) समूहों के खिलाफ सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना
  • Strait of Hormuz पर अपनी संप्रभुता (कंट्रोल) बनाए रखना

अमेरिका की मांगें:

वहीं अमेरिका की मुख्य शर्तें हैं-

  • Strait of Hormuz को अंतरराष्ट्रीय आवागमन के लिए पूरी तरह खोलना
  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन (nuclear enrichment) को पूरी तरह समाप्त करना
Updated on:
12 Apr 2026 12:03 pm
Published on:
12 Apr 2026 12:03 pm
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