
हूती विद्रोहियों ने यमन की सेना को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है। इस घातक हमले में 17 जवान और एक अधिकारी सहित कुल 18 सुरक्षाकर्मी की जान चली गई है। यमन की सेना ने शुक्रवार को इस घटना के बारे में जानकारी दी।
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कई जवान घायल हुए हैं। यह हमला सरकारी बलों पर हुआ। सेना के मुताबिक, हमले में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दोनों का इस्तेमाल किया गया।
बता दें कि यमन में हूती समूह ईरान से जुड़ा माना जाता है। अब वह अंदरूनी इलाकों में भी कार्रवाई बढ़ा रहा है और समुद्री रास्तों पर हमले कर रहा है। इस हमले से एक दिन पहले ही हूतियों ने सऊदी तेल टैंकर डेजी पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने दावा किया था।
उन्होंने टेलीग्राम पर बयान जारी कर कहा कि खाड़ी अदन में जहाज को निशाना बनाया गया। जहाज पर हमला हुआ और वह रास्ता बदलने को मजबूर हो गया।
हूती प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी का हिस्सा है। वे रेड सी और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरने वाले सऊदी तेल जहाजों को निशाना बना रहे हैं। उनका नारा है- नाकाबंदी के बदले नाकाबंदी। जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे ऐसे हमले जारी रखेंगे।
इससे पहले गुरुवार को हूतियों ने यानबू के पास उत्तरी रेड सी में सऊदी तेल टैंकर वफा पर भी मिसाइल हमले का दावा किया था। प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि हमला सटीक था। जुलाई 22 से शुरू हुए समुद्री अभियान में उन्होंने अब तक आठ सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया है।
यूनाइटेड किंगडम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने 5 अगस्त को यमन और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो अलग-अलग समुद्री सुरक्षा घटनाओं की जानकारी दी। दोनों मामलों में जहाज के कर्मचारी सुरक्षित रहे। कोई नुकसान नहीं हुआ। इसको लेकर जांच चल रही है।
ये हमले क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दिखाते हैं। हूती समूह यमन के अंदर सरकारी बलों पर हमले तेज कर रहा है। साथ ही सऊदी अरब से जुड़े समुद्री लक्ष्यों को निशाना बना रहा है।
यमन की सेना ने जवानों की मौत की पुष्टि की है। घायलों का इलाज चल रहा है। इसको लेकर यमन सरकार और हूती समूह के बीच टकराव जारी है।