
Xi Jinping Washington protest: शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच बड़ा प्रदर्शन, तिब्बती-उइगर समेत कई समुदाय सड़कों पर (फोटो सोर्स:x/BodpaW)
Tibet protest Washington: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा जहां वॉशिंगटन में कूटनीतिक बैठकों और रणनीतिक बातचीत का केंद्र बनी हुई है, वहीं राजधानी की सड़कों पर विरोध की तैयारी भी तेज है। तिब्बती समुदाय के साथ उइगर, हांगकांग, ताइवान, दक्षिणी मंगोलिया और चीनी लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता एक साझा मंच पर उतरेंगे। प्रदर्शन का फोकस केवल तिब्बत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक बंदियों, धार्मिक स्वतंत्रता और विदेशों में कथित दबाव जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता दी जाएगी।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा के बीच राजधानी में गुरुवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी IANS (Indo-Asian News Service) की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर अमेरिका के विभिन्न हिस्सों से 2,000 से अधिक तिब्बती इस प्रदर्शन में पहुंचेंगे। उनके साथ उइगर, हांगकांग और ताइवान समुदायों के प्रतिनिधि, दक्षिणी मंगोलियाई कार्यकर्ता तथा चीनी लोकतंत्र समर्थक भी शामिल होंगे।
प्रदर्शन का कार्यक्रम सुबह चीनी दूतावास के बाहर से शुरू होगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी ड्यूपॉन्ट सर्कल से होते हुए अमेरिकी कैपिटल की ओर मार्च करेंगे। दोपहर में कैपिटल के नजदीक संयुक्त रैली प्रस्तावित है, जिसमें विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों के अलावा अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्य भी शामिल होने वाले हैं। शाम को फ्रैंकलिन पार्क में मोमबत्ती जलाकर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी शी जिनपिंग के सामने ‘नॉट वेलकम’ का संदेश रखने के साथ राजनीतिक बंदियों, धार्मिक स्वतंत्रता, विदेशों में रहने वाले असंतुष्टों पर कथित दबाव और सांस्कृतिक व भाषाई पहचान से जुड़े सवाल उठाएंगे। तिब्बती पक्ष की प्रमुख मांगों में 11वें पंचेन लामा और अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई तथा चीनी नेतृत्व और तिब्बती प्रतिनिधियों के बीच बातचीत दोबारा शुरू करना शामिल है।
तिब्बती जुटान का नेतृत्व तिब्बतन यूथ कांग्रेस और कैपिटल एरिया तिब्बतन एसोसिएशन कर रहे हैं। इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत, स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत और तिब्बतन नेशनल कांग्रेस सहित कई संगठन इसके समर्थन में हैं। रैली में त्सेरिंग चोम्फेल, तेनचो ग्यात्सो और तेनजिन नोरबू सहित कई नेताओं के संबोधन की योजना है। उइगर नेता ओमर कनात, हांगकांग की कार्यकर्ता फ्रांसेस हुई, दक्षिणी मंगोलियाई प्रतिनिधि एंगहेबाटू तोगोचोग और चीनी लोकतंत्र समर्थक शेंगचुन ‘सोफी’ लुओ भी कार्यक्रम में भाग लेने वाले हैं।
इस विरोध की पृष्ठभूमि में मानवाधिकार को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद भी हैं। 11वें पंचेन लामा के रूप में दलाई लामा द्वारा पहचाने गए गेदुन चोएक्यी न्यिमा 1995 में छह वर्ष की उम्र में लापता हुए थे। अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के अनुसार, उनका वर्तमान ठिकाना अज्ञात है।
शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं। इस दौरान उनका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर बातचीत का कार्यक्रम है।
विरोध प्रदर्शन से पहले इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत ने करीब 30 मानवाधिकार संगठनों के गठबंधन के साथ चीनी राष्ट्रपति को खुला पत्र भी भेजा है। इसमें राजनीतिक बंदियों की रिहाई, विदेशों में कथित दमन रोकने और मानवाधिकार रिकॉर्ड में ठोस सुधार की मांग की गई है।
Updated on:
24 Sept 2026 09:50 am
Published on:
24 Sept 2026 09:24 am
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