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Turkey Iraq Deal: तुर्किये का बड़ा फैसला, इराक को सौंपेगा बशीका सैन्य अड्डा; सिनजार में भी बदलेगा सुरक्षा समीकरण

Türkiye Iraq Relations: करीब एक दशक से बगदाद और अंकारा के रिश्तों में संवेदनशील मुद्दा रहा बशीका अब इराक के नियंत्रण में जाने की राह पर है। सुरक्षा समझौते के साथ व्यापार, निवेश और महत्वाकांक्षी डेवलपमेंट रोड प्रोजेक्ट को भी नई गति देने की तैयारी है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 24, 2026

Erdogan Iraq meeting

Erdogan Iraq meeting :तुर्की राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Bashiqa Military Base: उत्तरी इराक में लंबे समय से विवाद का कारण बने तुर्किये के बशीका सैन्य अड्डे को अब धीरे-धीरे इराकी सरकार के हवाले करने पर सहमति बन गई है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान तुर्की राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी की मुलाकात में यह अहम समझौता हुआ। इसके साथ ही सिनजार में इराकी सरकार का पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने और विदेशी सशस्त्र तत्वों की मौजूदगी खत्म करने पर भी दोनों देशों ने सहमति जताई।

Turkey Iraq Deal: बशीका से शुरू हुआ नया अध्याय

तुर्किये और इराक के बीच बुधवार को हुई बातचीत का सबसे अहम नतीजा बशीका-जिलकान सैन्य अड्डे को लेकर सामने आया। दोनों सरकारों के संयुक्त बयान के मुताबिक, इराक में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ तुर्की सैनिक इस अड्डे का नियंत्रण तय प्रक्रिया और समय-सारिणी के तहत चरणबद्ध तरीके से इराक की संघीय सरकार को सौंपेंगे। हालांकि, सार्वजनिक बयान में हस्तांतरण की अंतिम तारीख नहीं बताई गई है।

यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बशीका लंबे समय से दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव का केंद्र रहा है। तुर्किये ने दिसंबर 2015 में मोसुल के उत्तर-पूर्व स्थित इस क्षेत्र में सैनिक तैनात किए थे। उस समय उनका उद्देश्य आईएसआईएल (ISIS) के खिलाफ लड़ रहे स्थानीय बलों को प्रशिक्षण देना बताया गया था। तुर्की सैन्य मौजूदगी बढ़कर करीब 600 सैनिकों तक पहुंची थी, जिसे बगदाद ने अपनी संप्रभुता के खिलाफ माना था।

सिनजार पर भी बनी अहम सहमति

बशीका के साथ सिनजार को लेकर भी दोनों देशों ने सुरक्षा सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। संयुक्त बयान में सिनजार में इराकी राज्य का पूर्ण अधिकार स्थापित करने और प्रतिबंधित विदेशी सशस्त्र तत्वों की मौजूदगी समाप्त करने की बात कही गई है। यह इलाका लंबे समय से तुर्किये और कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) से जुड़े सुरक्षा विवादों का प्रमुख केंद्र रहा है।

2025 में अंकारा और PKK के बीच शुरू हुई शांति प्रक्रिया के बाद सिनजार में तुर्किये के सीमा-पार अभियानों में कमी आई थी। इससे इराकी संघीय अधिकारियों के लिए क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत करने की गुंजाइश बनी।

सुरक्षा से आगे आर्थिक साझेदारी पर जोर

एर्दोगन और अल-जैदी की बातचीत केवल सैन्य मुद्दों तक सीमित नहीं रही। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने, पहले से हुए समझौतों को तेजी से लागू करने तथा साझा रणनीतिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

खास तौर पर डेवलपमेंट रोड प्रोजेक्ट को गति देने पर जोर दिया गया है। यह प्रस्तावित परिवहन और आर्थिक गलियारा इराक को तुर्किये के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में अहम परियोजना माना जाता है। तुर्किये ने ऊर्जा सहयोग, बिजली संपर्क तथा तेल-गैस ढांचे को भी क्षेत्रीय आर्थिक जुड़ाव से जोड़ने की बात कही है।