2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mohammed Shami: अमरोहा के सिम्मी ने क्रिकेट की दुनिया में मचाई सनसनी

Mohammed Shami: अमरोहा के गांव सहसपुर अलीनगर में पैदा हुए और उबड़-खाबड़ मैदानों में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए मोहम्मद शमी ने ICC World Cup 2023 में तहलका मचा दिया है।

2 min read
Google source verification
Mohammed Shami Latest News Hindi

Mohammed Shami Latest News Hindi: बतादें कि सहसपुर अलीनगर गांव में अब पत्रकारों की भीड़ है। गांव वालों के पास सुनाने के लिए मोहम्मद शमी से जुड़े क़िस्से हैं। मोहम्मद शमी को गांव के लोग 'सिम्मी' कहकर पुकारते हैं। सिम्मी जब छोटे थे तब उनके पिता तौसीफ़ अली गांव में क्रिकेट खेलते थे।

एक्स्ट्रा फील्डर के रूप में खेलते थे शमी
सहसपुर के रहने वाले जुम्मा बतातें हैं कि इस गांव में क्रिकेट तौसीफ़ ही लाए थे। उस दौर में हम रेडियो पर कमेंट्री सुना करते थे। वहीं से क्रिकेट का शौक पैदा हुआ। तौसीफ़ क्रिकेट की किट ले आए और गांव में पिच बना ली गई। उन्होंने बताया कि सिम्मी बहुत छोटा था, तब से उसे एक्स्ट्रा फील्डर के रूप में खिलाते थे, वह बहुत तेज़ दौड़ता था। फिर उसने गेंदबाज़ी शुरू की। अगर कोई साथ खेलने के लिए नहीं होता था तो वो अकेले ही गेंदबाज़ी किया करता था।

यह भी पढ़ें:संभल में बोले महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी- पीएम मोदी ने खड़े किए नए कीर्तिमान

गांवों तक पहुंच गया था शमी का नाम
सहसपुर अलीनगर निवासी जैद बताते हैं मैं उस समय 11 वर्ष का था। गांव में क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा था। सिम्मी भाई की गेंद में इतनी रफ्तार और उछाल थी कि कीपर को विकेट से बहुत दूर खड़े होना पड़ता था। उस टूर्नामेंट में हर गेंदबाज को लंबे लंबे छक्के खाने पड़े थे, लेकिन सिम्मी भाई की वजह से हमारे गांव की टीम मैच जीत गई थी। उन्होंने तीन विकेट लिए थे। तब से उनका नाम आसपास के गांवों में हो गया। खिलाड़ी चर्चा करते थे कि इसके ओवर में आराम से खेलना है, बाकी गेंदबाजों को देखेंगे।

पुरानी पिच से दो किलोमीटर दूर बन गया नया मैदान
सहसपुर अलीनगर की पुरानी पिच जहां शमी ने अपने बचपन में गांव की टीम को टूर्नामेंट जिताए हैं। वहां अब कोई नहीं खेलता। उस पिच के आसपास कब्रिस्तान, खेत व झाड़ झंकाड़ हैं। गांव के युवाओं में इस पिच की चर्चा एक बार फिर जीवित हो गई है। हालांकि नया मैदान पुरानी पिच से दो किलोमीटर दूर है।