5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कलेक्टर ने सहायक आयुक्त से छीना वित्तीय अधिकार

692 लाख की वित्तीय अनिमितताओं की जांच तक जिपं सीईओ देखेगी वित्तीय प्रभार

2 min read
Google source verification
Collector, Financial Officer from Assistant Commissioner

कलेक्टर ने सहायक आयुक्त से छीना वित्तीय अधिकार

अनूपपुर. जिला सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग अनूपपुर की वर्ष 2015-16 तथा 2016-17 के दौरान शासकीय मंद से आदिवासी विकास विभाग के लिए आवंटित हुई विभिन्न मदों की 692.17 लाख की वित्तीय अनिमितताओं के मामले में 7 अगस्त को कलेक्टर पी अनुग्रह ने सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग पीएन चतुर्वेदी से वित्तीय अधिकारी छींनते हुए स्थगित कर दी है। इस दौरान अनियमितताओं की जांच तक कलेक्टर ने जनजातीय कार्य विभाग की वित्त एवं लेखा सम्बंधी नस्तियां सहायक कोषालय अधिकारी के परीक्षण उपरांत जिपं सीईओ के माध्यम से अनुमोदन के उपरांत क्रियान्वित की जाएगी। कलेक्टर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग अनूपपुर में होने वाले वित्तीय आहरण व संवितरण तथा प्रशासकीय अधिकारी जिपं सीईओ डॉ. सलोनी सिडाना को सौंपा है। बताया जाता है कि वर्ष 2015-16 तथा 2016-17 में छात्रावास आश्रमों के लिए सामग्री प्रतिपूर्ति मद में उपलब्ध कराए गए बजट 692.17 लाख रूपए बिना सक्षम स्वीकृति प्राप्त किए, तथा सामग्री खरीदने, भौतिक सत्यापन, गुणवत्ता सत्यापन एवं बिना क्रय समिति गठित कराए, राशि छात्रावास आश्रमों के पालक शिक्षक संघ के खाते में नियम विरूद्ध तरीके से प्रदाय किए जाने के कारण तथा बिना सूचना एवं अवकाश स्वीकृत कराए मुख्यालय एवं साप्ताहिक समय सीमा की बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने, जिले में जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत बैगा महिलाओं के पोषण आहार सहायता की राशि समय पर नहीं देने व सर्वेक्षण नहीं कराए जाने और शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं-कार्यक्रमों का तत्परतापूर्वक समय-सीमा में क्रियान्वयन नहीं कराए जाने के कारण पीएन चतुर्वेदी सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग अनूपपुर के वित्तीय अधिकार को स्थगित कर दिया।
वहीं कलेक्टर ने मप्र. वित्तीय अधिकार पुस्तिका 2012 भाग एक में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए विभाग की सभी वित्तीय अधिकार व आहरण सवितरण तथा प्रशासनिक अधिकारी जिपं सीईओ को सौंप दिया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि इस दौरान विभागीय वित्तीय एवं लेखा सम्बंधी नस्तियां सहायक कोषालय अधिकारी के परीक्षण के उपरांत ही जिपं सीईओ के माध्यम से अनुमोदित होगी।