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बाल अधिकार संरक्षण में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण, आईजीएनटीयू में यूनीसेफ के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

बाल अधिकार संरक्षण में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण, आईजीएनटीयू में यूनीसेफ के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

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Role of media in child rights protection, IGNTU organized training pro

बाल अधिकार संरक्षण में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण, आईजीएनटीयू में यूनीसेफ के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

बाल उपलब्धियों को समाज के सामने लाने और उनके शोषण को प्रमुखता से उठाने का भी किया आह्वान
अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग और मध्यप्रदेश यूनीसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पत्रकारों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने बच्चों से संबंधित खबरों के प्रकाशन और उनके अधिकारों के संरक्षण में मीडिया की भूमिका के बारे में विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने बाल उपलब्धियों को समाज के सामने लाने और उनके शोषण को प्रमुखता से उठाने का भी आह्वान किया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमुख विशेषज्ञों और पत्रकारों ने इनसे जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पं. सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर के कुलपति प्रो. बंश गोपाल सिंह ने पत्रकारिता को चुनौतीपूर्ण कार्य बताते हुए इसे पवित्र उद्देश्य बताया और पत्रकारों के सामाजिक विकास में योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास में अनुशासन का महत्व होता है। अत: सभी वर्गों को श्रमशील छात्र तैयार करने के लिए स्वयं का योगदान देना होगा। उन्होंने शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण पर भी चिंता व्यक्त की। संकायाध्यक्ष प्रो. रविंद्रनाथ मनुकोंडा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। संचालन डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. राघवेंद्र मिश्रा भी उपस्थित थे। अन्य तकनीकी सत्रों में गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के सर्वेश दत्त त्रिपाठी ने बाल अधिकारों से संबंधित कानूनों के बारे में जानकारी प्रदान की। यूनीसेफ के मध्यप्रदेश प्रमुख माइकल जुमा ने बाल अधिकारों के संरक्षण और इन्हें प्रोत्साहित करने के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ के योगदान के बारे में बताया। श्रवनी सरकार ने बच्चों के खिलाफ हिंसा और अपराध की खबरों की रिपोर्टिंग के बारे में विस्तार से बताया। डिप्टी एडिटर अमन नमरा ने विभिन्न समाचार पत्रों में रिपोर्टिंग की भिन्नता का विश्लेषण प्रस्तुत किया। यूनीसेफ के संचार विशेषज्ञ डॉ. अनिल गुलाटी और सुजान सरकार ने खबरों में आंकड़ों के विश्लेषण पर चर्चा की। पूर्व संपादक राधेश्याम शुक्ला ने बच्चों और महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को मीडिया में उठाने और प्रश्नावली के माध्यम से पाठकों को खबरों के साथ जोडऩे के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. मानेक चटर्जी के नेतृत्व में पत्रकारों और छात्रों के दल ने अमरकटंक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और गांव का भ्रमण किया। कार्यक्रम में डॉ. कृष्णमूर्ति बीवाई, अभिलाषा एलिस तिर्के सहित विभाग के शिक्षकों और शोध छात्रों ने भाग लिया।