अनूपपुर. मध्य प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के द्वारा अमरकंटक में बाल अधिकार उल्लंघन से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए शिविर का आयोजन किया गया। सुनवाई के दौरान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के छात्रों के द्वारा विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों पर धर्मांतरण कराने के आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा कि विश्वविद्यालय में कुछ प्रोफेसर धर्मांतरण की गतिविधियों में संलिप्त हैं। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष अमरकंटक के सर्किट हाउस सभागार में बाल संरक्षण की बेंच शिविर लगाकर बाल अधिकारों के हनन व संरक्षण के संबंध में शिकायत की सुनवाई कर रहे थे। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण के निर्देश दिए साथ ही बच्चों के अधिकार व दागने की कुप्रथा, बाल विवाह रोकने, शिक्षा से जोडऩे, नशामुक्ति के संबंध में जनमानस से चर्चा कर रूपरेखा तैयार की गई । इसी बीच राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों पर गंभीर आरोप लगाया और कहा था कि हमें नाम न बताने की शर्त पर यह बताया गया है कि स्थानीय भ्रमण के दौरान कुछ लोगों ने धर्मांतरण से जुड़ी शिकायत की है। जो जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि अमरकंटक से (पेंड्रा) छत्तीसगढ़ ले जाकर धर्मांतरण कराया जाता है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों की इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त होना बच्चों को उनके पहचान के अधिकार से विमुक्त करता है। हम सब इन बातों का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेंगे।
इनका कहना है
ऐसी कोई शिकायत विवि प्रबंधन के पास नहीं आई है। जानकारी जुटाई जाएगी। अगर ऐसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं तो उस पर रोक लगाई जाएगी।
विजय दीक्षित, पीआरओ, विवि