
नई दिल्ली। उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम को शनिवार को रोकने की घोषणा की थी। हालांकि उस वक्त माना गया था कि उत्तर कोरिया अमरीका के दवाब में ऐसा करने पर बाध्य हुआ लेकिन अब चीन ने इस मामले में एक नया खुलासा किया है। बता दें कि उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच परमाणु कार्यक्रमों को लेकर चरम पर पहुंच चुका तनाव किम जोंग उन के शनिवार को परमाणु मिसाइल टेस्ट कार्यक्रम रोकने के ऐलान से कुछ कम होता दिखने लगा था।
टेस्ट साइट हुई क्षतिग्रस्त
चीन के भू-गर्भ विशेषज्ञों ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया की भूमिगत परमाणु परीक्षण साइट ढह गई है और अब उनके पास परीक्षण के लिए कोई स्थान नहीं बचा है। इसे पहले उत्तर कोरिया के तानाशाह किम ने परमाणु परीक्षण कार्यक्रम रोकने का ऐलान करते हुए ट्रंप से होने वाली मुलाकात को इसकी वजह बनाया था। अब चीन के शोधकर्ताओं ने यह कहा है कि सितंबर 2017 में हुए परीक्षण के दौरान परमाणु साइट का एक बडा हिस्सा ढह गया था । बता दें कि इस परीक्षण के दौरान हुए धमाके को जापान के भूगर्भ वैज्ञानिकों ने करीब 120 किलोटन का मापा था, जो कि अमरीका की ओर से १९४२ में हिरोशिमा शहर पर गिराए गए बम से भी आठ गुना ज्यादा शक्तिशाली था। चीनी मीडिया ने दवा किया है कि ताजा सैटलाइट तस्वीरों छठे परीक्षण से पहले और उसके बाद इलाके की भौगोलिक स्थिति में बदलाव हुआ है।
किम ने दिखाया पूरी दुनिया को ठेंगा
बता दें कि किम जोंग उन के शासनकाल में उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम का लगातार विस्तार किया है। दुनिया भर के देशों और संस्थाओं से पड़ रहे दवाब के बीच उत्तर कोरिया आए दिन परमाणु हथियारों का परीक्षण करता रहा है। अमरीका के साथ साथ आस्ट्रलिया, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, यूरोपीय संघ, दक्षिण कोरिया और अन्य कई शक्तिशाली देश भी उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम रोकने में असफल रहे हैं।
Updated on:
26 Apr 2018 11:37 am
Published on:
26 Apr 2018 11:38 am
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