
उत्तरी कोरिया: प्रचंड गर्मी और लू से 11 की मौत, बचने के लिए लोग खा रहे कुत्ते का मांस
नई दिल्ली।उत्तर कोरिया में बड़े पैमाने पर खाए जाने वाले डंगोगी या मीठे मांस को गर्मी से बचने का अचूक नुस्खा माना जाता है। डंगोगी यानी कुत्ते के मांस को लंबे समय से उत्तर और दक्षिण कोरिया में गर्मियों के लिए एक मुफीद भोजन माना जाता है। कुत्ते को परंपरागत रूप से वर्ष के सबसे गर्म समय के दौरान खाया जाता है। उत्तर कोरिया के कई शहरों में 40 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच चुका है।
उत्तरी कोरिया में गर्मी के दिनों में कुत्तों के लिए अच्छा समय नहीं होता है। तेज गर्मी में उत्तरी कोरिया की सबसे बड़ी चिंता अपने नागरिकों को गर्मी और लू से बचाना है। प्योंगयांग के निवासी गर्मियों से बचने के लिए "बिंग्सू" नामक एक पेय पदार्थ का सेवन कर रहें हैं। गर्मी के इस प्रकोप से बचने के लिए उत्तर कोरिया में बिंगसू के बाद कुत्ते के मांस को उबालकर उसे मीठे सूप के रूप में प्रयोग किया जाता है।
आंकड़ों की विश्वसनीयता पर संदेह
उत्तर कोरिया में कुत्ते को कितना खाया जाता है, इसके लिए अच्छे आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। लेकिन दक्षिण कोरिया में, कम से कम 2 मिलियन कुत्ते हर साल मारे जाते हैं और खाए जाते हैं। कई पुराने दक्षिण कोरियाई लोग मानते हैं कि कुत्ते के मांस गर्मी से बचने में सहायता करते हैं। हालांकि कुत्ते खाने के खिलाफ उत्तर और दक्षिण कोरिया के युवा लोग उदासीन या विरोधी हो रहे हैं। कुत्ते का मांस पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के दोनों देशों की सरकारों पर दबाव बढ़ रहा है।
उत्तर कोरिया में खूब प्रचलित है कुत्ते का मांस
उत्तरी कोरियाई राजधानी में सबसे बड़ा डॉग मीट परोसने वाला रेस्तरां प्योंगयांग हाउस में एक वेट्रेस ने बताया, "यह पुराना समय से हमारा राष्ट्रीय भोजन रहा है। लोग मानते हैं कि यह गर्मी का इलाज करती है, इसलिए सबसे गर्म दिनों में कुत्ते के मांस और कुत्ते का मसालेदार सूप खाते हैं। यह अन्य प्रकार के मांस की तुलना में स्वस्थ है।" उत्तर कोरिया के रेस्तरां के मेनू में एक दर्जन से अधिक कुत्ते के व्यंजन सूचीबद्ध हैं, जिनमें पसलियों, पिछड़े पैर और उबले हुए कुत्ते की त्वचा शामिल हैं ।
Published on:
27 Jul 2018 02:31 pm
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