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इंडोनेशिया: भूकंप के बाद बिखरी जिंदगी, शव गिनने में जुटी सरकार, 5000 अभी लापता

इंडोनेशिया में हाल में आए भूकंप और सुनामी के कारण लगभग दो हजार लोगों की जान जा चुकी है।

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indonesia govt still counting numbers of dead toll may rise

इंडोनेशिया: भूकंप के बाद बिखरी जिंदगी, लाशें गिनने में जुटी सरकार, 5000 अभी लापता

जकार्ता। इंडोनेशिया में हाल में आए भूकंप और सुनामी के कारण लगभग दो हजार लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही इस त्रासदी का लाखों लोगों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। आपदा में गायब हुए करीब 5000 लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है। वहां के सरकार द्वारा जारी की गई जानकारी की माने तो इस भयानक विपदा के बाद वहां का पालू शहर पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि सरकार अभी भी मलबों में दबी लाशें गिनने में जुटी हुई है। बता दें कि वहां के सुलावेसी द्वीप में 28 सितंबर को भूकंप आया था, जिसके बाद आई सुनामी से हड़कंप मच गया था।

पालू शहर सुनामी से तबाह

कई गांवों में हजारों की संख्या में लोगों के गायब होने की जानकारी मिल रही है, हालांकि सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। पालू शहर सुनामी से तबाह हो चुका है। इंडोनेशिया डिजास्टर एजेंसी ने एक बयान में कहा है कि मरने वालों की संख्या अभी भी बढ़ सकती है। हालांकि बचे हुए लोगों की हालत भी बहुत अच्छी नही है। बाढ़ से पीड़ित हुए लोग पीने लायक पानी और भोजन के लिए तरस से रहे हैं।

5,000 लोग अभी भी लापता

सरकार अभी भी इमरतों के नीचे दबे लोगों को निकालने और लाशों को गिननी में लगी है। उन्होंने बताया है कि अगर गायब हुए 5,000 लोगों का कुछ पता नहीं चल पाया तो उन्हें भी मृत घोषित कर दिया जाएगा। डिजास्टर एजेंसी के प्रवक्ता सूतोपो पूर्वो नुगरोहो ने ये जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'अधिकारी अभी मौत के सही आंकड़े नहीं जुटा पाए हैं। ज्यादातर लोग अभी भी भूस्खलन और दलदल में फंसे हुए हैं, इस कारण सही आंकड़ें जारी करना अभी मुश्किल है।' जानकारी के मुताबिक इस हफ्ते गुरुवार तक सभी शवों के ढूंढने की डेडलाइन तय की गई है।

खोजबीन मुख्यत: बलारोआ और पेटोबो में

लोगों की खोजबीन मुख्यत: बलारोआ और पेटोबो में चल रही है। दरअसल बलारोआ में एक सरकारी बिल्डिंग ढह कर मिट्टी में मिल गई, जिसमें एक हजार से ज्यादा परिवार रहते थे। इसके मलबे में कई लोगों के फंसे होने की खबर है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि मानो भूकंप आते ही कई गांव जमीन के अंदर धंस गए।

सेना की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

आपदा से प्रभावित करीब दो लाख लोगों तक सेना के हेलीकॉप्टरों खाने का सामान और अन्य जरुरत की वस्तुएं पहुंचाने की कोशिश में हैं। वहीं हजारों लोगों को मेडिकल सहायता उपलब्ध कराए जाने की कोशिश जारी है।