
पाकिस्तान चुनाव: पोलिंग बूथ बने छावनी, सेना को दिए गए मजिस्ट्रेट के अधिकार
लाहौर।पाकिस्तान में आज आम चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया है। चुनावों के बीच तनाव को रोकने के लिए सेना ने कमान अपने हाथों में ले ली है। सुरक्षा के मद्देनजर पोलिंग बूथ पर 3,70,000 से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया गया है। पाकिस्तान में ऐसा पहली बार हो रहा है जब मतदान के लिए इतनी बड़ी संख्या में सैन्य बल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
8 लाख की फौज करा रही चुनाव
पाकिस्तान चुनाव आयोग के 7 लाख कर्मियों के साथ कुल 8 लाख जवान (3.7 लाख सैनिक और करीब 5 लाख पुलिसकर्मी) मतदान की कमान संभाल रहे हैं। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार सोमवार शाम को ही बंद हो गए थे। इस बार चुनावी रैलियों और प्रचार के दौरान कई आतंकवादी हमले हुए। इन हमलों के मद्देनजर मतदान को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिहाज से सेना का हस्तक्षेप कबूल किया गया। चुनाव अभियान के दौरान हुई आतंकवादी घटनाओं में 3 उम्मीदवारों समेत लगभग 200 लोग मारे गए।
सेना के हाथ में कमान
पाकिस्तानी सेना की मानें तो मतदान के दौरान 85,000 मतदान केन्द्रों पर 3,71,388 सैनिकों को तैनात की गई है। इसके अलावा चुनाव की चाकचौबंद व्यवस्था के लिए 16 लाख कर्मी ड्यूटी पर तैनात किए हैं। सुरक्षा के सबसे तगड़े प्रबंध पंजाब और सिंध में किए गए हैं। इस व्यवस्था को लेकर सेना ने एक बयान में कहा, 'देश भर में सैनिकों को तैनात करने का कार्य पूरा हो गया है।'
सेना के पास मजिस्ट्रेट के अधिकार
पकिस्तान चुनावों की ख़ास बात यह है कि इस बार सेना को मजिस्ट्रेट के अधिकार दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि वो स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिल कर मतदान को सुरक्षित रूप से संपन्न कराने सहयोग करें। सेना को मतदान के दौरान मजिस्ट्रेट शक्तियां दी गई हैं। इस बात को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर दोनों जगह सेना को तैनात किया है। ऐसा करने से पकिस्तान चुनाव आयोग को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने भरोसा दिलाया है कि तैनात सैनिक चुनाव अचार संहिता को मानेंगे और सख्ती से उसका पालन करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि सेना चुनावों में केवल सहायक के तौर पर काम कर रही है। सुरक्षा बलों ने सूचित किया है कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं तथा कुछ उम्मीदवारों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। गौरतलब है कि देश में चुनाव प्रचार के दौरान अनेक आंतकवादी हमले हुए हैं। बलूचिस्तान प्रांत में 13 जुलाई को हमला हुआ जिसमें 151 लोग मारे गए थे।
Published on:
25 Jul 2018 11:53 am
