
इस्लामाबाद। इमरान खान के नाक में दम करने वाले दक्षिणपंथी जमीयते उलेमाए इस्लाम-फजल (JUI-F) के प्रमुख फजलुर रहमान को एक बड़ा झटका लगा है। JUI-F से संबंध रखने वाले 'निजी मिलीशिया' अंसार उल इस्लाम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
यह प्रतिबंध मौलाना फजलुर रहमान की अगुवाई वाली जेयूआई-एफ के प्रस्तावित 'आजादी मार्च' के शुरू होने से दो दिन पहले लगाया गया है। यह मार्च इमरान सरकार के इस्तीफे की मांग के साथ निकाला जाने वाला है।
'सरकार और कानून के खिलाफ काम करता है यह संगठन'
अंसार उल इस्लाम के सदस्य कंटीले तारों वाली लाठियों से लैस रहते हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कुछ दिन पहले इस पर प्रतिबंध की प्रक्रिया शुरू करते हुए कहा था कि यह संगठन देश की सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्राधिकार को चुनौती देता है।
अधिसूचना में अंसार उल इस्लाम को जेयूआई-एफ की निजी मिलीशिया करार देते हुए कहा गया है, 'संघीय सरकार के पास यह विश्वास करने के पर्याप्त कारण है कि अंसार उल इस्लाम एक सैन्य संगठन के रूप में काम करने में सक्षम है और यह बात संविधान के अनुच्छेद 256 के खिलाफ है।’
अधिसूचना के तहत संघीय सरकार ने गृह मंत्रालय के जरिए देश के सभी प्रांतों को यह अधिकार दिया है कि वे इस संगठन के खिलाफ यथोचित कार्रवाई करें। इस अधिकार में संगठन को जड़ से खत्म करने या प्रतिबंधित करने का अधिकार शामिल है।
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Updated on:
26 Oct 2019 08:30 am
Published on:
25 Oct 2019 06:51 pm
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