राजनीति की बिसात पर फुस्स होने के बाद उल-जुलूल कमेंट क्यों कर रहे हैं पाक पीएम इमरान

राजनीति की बिसात पर फुस्स होने के बाद उल-जुलूल कमेंट क्यों कर रहे हैं पाक पीएम इमरान

Siddharth Priyadarshi | Publish: Apr, 27 2019 07:30:00 AM (IST) एशिया

  • जुलाई 2018 में इमरान खान ने संभाली थी सत्ता
  • अपने बयानों के लिए कई बार विपक्ष के निशाने पर आ चुके हैं इमरान खान
  • बिलावल भुट्टो को लेकर खासे हमलावर रहे हैं इमरान खान

लाहौर। पाकिस्तान में इन दिनों सियासी माहौल काफी गरमाया हुआ है। हालांकि वैसे तो भारत में इन दिनों चुनावों का माहौल है, ऐसे में सबकी नजरें भारत के राजनीतिक माहौल पर टिकी हुई हैं। लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कुछ ऐसा किया है जिसकों लेकर वह नेताओं से लगाय सोशल मीडिया तक हर जगह निशाने पर हैं। यह देखना भी दीगर होगा कि वैसे तो पाक पीएम आए दिन कोई न कोई ऐसा कमेंट कर ही जाते हैं जिससे बवाल मच जाता है, लेकिन उनका ताजा बयान ऐसा है जिसमें पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

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बयानवीर खान के अनोखे कारनामे

राजनीति में आने से पहले इमरान खान अपने उलटे-सीधे बयानों के लिए जाने जाते रहे हैं। क्रिकेट के दिनों से अपनी तल्ख जबानी के लिए जाने जाते इमरान खान के तेवर राजनीति में आने के बाद और भी तीखे होते गए। यहाँ उनसे एक बड़ी गलती हो गई। वह भूल गए कि वह राजनीति में हैं और उनका जीवन अब सार्वजनिक जीवन है जिसमे कही गई किसी भी बात का दूरगामी महत्व होता है। अपने क्रिकेट के दिनों में इमरान खान ने कश्मीर मुद्दे पर भारत को घेरते हुए कहा था कि बेहतर होता कि भारत-पाकिस्तान के बीच एक मैच करा लिया जाए और जो भी देश जीते, कश्मीर पर उसका अधिकार मान लिया जाए। इमरान खान ने यह बात 1989 में कही थी। उसने इस बयान के बाद भारत और पाक्सितान दोनों देशों में भूचाल सा आ गया था। दोनों देशों के बड़े नेताओं ने इस बयान की जमकर निंदा की। जैसे तैसे इमरान खान ने माफी मांगकर इस मामले से पल्ला झाड़ा। उसके बाद क्रिकेटर खान को यह बात समझ में आ गई कि सार्वजनिक जीवन असल में इतना आसान नहीं होता। लेकिन जब 1996 उन्होंने अपनी राजनैतिक पारी शुरू की और तहरीक-ए-इंसाफ नाम से एक नई पार्टी बनाई तो वह एक मंझे हुए नेता के रूप में सामने आए। अपने शुरुआती तेवरों से उन्होंने दिखाया कि साफ-साफ अपनी बात कहने वाले इंसान हैं। लेकिन कहते हैं न कि आदतें जब बार-बार दोहराई जाते हैं तो वह जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं। इमरान भी ऐसी ही किसी कैफियत के शिकार हुए।

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ऐसे खुला विवादों का पिटारा

जून 2018 में अपने चुनाव अभियान के दौरान इमरान खान ने नवाज शरीफ के खिलाफ ऐसे तीखे शब्द बाण छोड़े कि पाक राजनीति में हड़कंप मच गया। उस समय नवाज शरीफ की बेगम कुलसुम का निधन हुआ था। इमरान के बयान पर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई और इस बात का डर सताने लगा कि अगर इमरान के खिलाफ ऐसा ही माहौल बना रहा तो पीटीआई को चुनाव में नुकसान हो सकता है। लेकिन जैसे तैसे यह मामला दब गया और इमरान खान के साथ साथ उनकी पार्टी ने भी राहत की सांस ली। अपने चुनाव अभियान में इमरान खान ने भारत और भारतीय पीएम मोदी को लेकर ऐसे कई कमेंट किए जिन्हों कई विवादों को जन्म दिया। एक तरफ वह भारत को कश्मीर मुद्दे पर धमकाते रहे तो दूसरी तरफ पीएम मोदी पर कई तरह के व्यक्तिगत हमले बोले।

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बिलावल भुट्टो रहे खास निशाना

यूं तो इमरान खान ने किसी भी पाकिस्तानी नेता को बख्शा नहीं है लेकिन पीपीपी अध्यक्ष और दिवंगत प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो पर वह काफी हमलावर रहे हैं। कुछ दिन पहले बिलावल के नेशनल असेम्बली में दिए एक भाषण पर तंज कसते हुए इमरान खान ने कहा कि बिलावल केवल अँगरेकी बोलते हैं जो कि कम पढ़ी-लिखी पाकिस्तानी जनता को समझ में नहीं आती। उन्होंने बिलावल पर जमीनी मुद्दों को छोड़ हवाई बातें करने का आरोप लगाया। अब सवाल उठता है किआखिर इमरान खान बिलावल को ही टारगेट क्यों कर रहे हैं। जवाब बेहद साफ है। इमरान को लगता है कि उनकी लम्बी राजनीतिक पारी में सबसे बड़े रोड़ा बिलावल ही अटकाने वाले हैं। युवा बिलावल भुट्टो जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं और हुक्मरानों को उखाड़ फेंकने वाली सेना में भी उनकी स्वीकार्यता बनी हुई है। ऐसे में इमरान खान को लगता है कि बिलावल ही उनके मुख्य प्रतिद्वंदी हैं।

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'साहिबा' वाले कमेंट ने मचाया बवाल

दो दिन पहले पाकिस्तान के पीएम ने सभी हदें पार करते हुए बिलावल भुट्टो को साहिबा कह दिया। उसके बाद पाकिस्तान में शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इमरान खान ने बिलावल भुट्टो पर निशाना साधते हुए उन्हें बिलावल भुट्टो साहिबा कहकर उनका सरेआम मजाक उड़ाया था। उन्होंने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि कहा था, "मैं यहां बिलावल भुट्टो साहिबा की तरह मां की छोड़ी विरासत के दम पर नहीं आया हूं, बल्कि संघर्ष करके पहुंचा हूं।" इसे महिलाओं के लिए अश्लील कमेंट मानते कई संगठनों ने इमरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पीएम इमरान खान के इस बयान के बाद पूरे पाकिस्तान में उनकी खूब आलोचना हुई है।

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भारत पर भी खासे मेहरबान रहे हैं इमरान

पाकिस्तान के पीएम केवल पाक नेताओं के खिलाफ ही हमलावर नहीं रहे हैं। बल्कि भारत और भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर भी वह कई ऐसे बयान दे कर चुके हैं जिसको लेकर भारत में तीखी प्रतिक्रिया हुई। कुछ दिन पहले इमरान खान ने कहा था कि मोदी के पीएम रहते भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कतई स्थापित नहीं हो सकती। बाद में उनका ह्रदय परिवर्तन हो गया और उन्होंने पीएम मोदी की तरफ करते हुए कहा कि अगर वह दोबारा पीएम बनते हैं तो कश्मीर विवाद को सुलझाने में मदद मिलेगी। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इमरान के बयान की एक और बानगी देखिए। दिसंबर 2018 से लेकर मार्च 2019 तक उन्होंने इस बात को तीन बार दोहराया कि भारत में मुस्लिम समुदाय पीड़ित है। उसके बाद भारत में जैसे भूचाल आ गया। तमाम मुस्लिम नेताओं ने इमरान खान के बयान पर बेहद तीखी प्रतक्रिया दी। असदुद्दीन ओवैसी ने तो उन्हें पाकिस्तान की आवाम की चिंता करने की सलाह तक दे डाली लेकिन इमरान खान के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ।

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