
Aaj Ka Panchang 19 April 2026 : आज का पंचांग 19 अप्रैल 2026 | अक्षय तृतीया, शुभ मुहूर्त, राहुकाल
Aaj Ka Panchang 19 April 2026 : आज का पंचांग 19 अप्रैल 2026, रविवार आपके लिए दिनभर के शुभ-अशुभ समय, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और महत्वपूर्ण व्रत-त्योहारों की संपूर्ण जानकारी लेकर आया है। आज का दिन विशेष रूप से अक्षय तृतीया, भगवान परशुराम जयंती और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती जैसे अत्यंत पुण्यदायी पर्वों के कारण अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
इस पंचांग में आप जानेंगे आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, दिशा शूल, चौघड़िया और शुभ मुहूर्त के साथ-साथ पूरे सप्ताह (20 से 26 अप्रैल 2026) के प्रमुख व्रत-त्योहार, ग्रह गोचर और विशेष योगों की विस्तृत जानकारी।
यदि आप आज कोई शुभ कार्य, विवाह, यात्रा या पूजा-पाठ की योजना बना रहे हैं, तो यह पंचांग आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका साबित होगा।
आज दिन में चर का चौघड़िया 7.39 से 9.15 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.15 से 12.26 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 2.02 से 3.37 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – द्वितीया तिथि दिन 10.50 तक होगी तदुपरान्त तृतिया तिथि होगी ।
नक्षत्र – भरणी नक्षत्र प्रातः 7.10 तक रहेगा तदुपरान्त कृत्तिका नक्षत्र अंतरात्रि 4.35 तक होगा तदुपरान्त रोहिणी नक्षत्र होगा ।
योग – आयुष्मान योग रात्रि 8.02 तक रहेगा तदुपरान्त सौभाग्य योग रहेगा ।
करण – कौलव करण दिन 10.50 तक रहेगा तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा।
विशिष्ट योग – राजयोग सूर्योदय से प्रातः 7-10 तक, त्रिपुष्कर योग प्रातः 7-10 से दिन 10-50 तक, रवियोग अंतरात्रि 4.35 से प्रारम्भ.
व्रत / दिवस विशेष – श्री शिवाजी जयंती, श्री परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया, आखा तीज, त्रेतायुगादि, कल्पादि, वर्षीतप समापन (जैन) , बद्रीनाथ केदारनाथ यात्रा व दर्शन प्रारंभ, विवाह मुरहर्त्त रोहिणी नक्षत्र में,
चन्द्रमा – आज दिन 12.31 तक मेष राशि में होगा तदुपरान्त वृष राशि में प्रवेश होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – शुक्र का वृष राशि में प्रवेश दिन 3-47 पर,
| तारीख | वार | प्रमुख घटनाएँ / पर्व | योग / विशेष समय | अन्य विवरण |
|---|---|---|---|---|
| 20-04-2026 | सोमवार | विनायक चतुर्थी, मातंगी जयंती, रोहिणी व्रत | सर्वार्थसिद्धि योग (पूरा दिन), रवियोग (रात्रि 2:08 तक), अमृतसिद्धि योग (रात्रि 2:08 से सूर्योदय) | भद्रा (5:51 सायं–4:15 रात्रि), गुरु पुनर्वसु प्रवेश, ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ |
| 21-04-2026 | मंगलवार | आदि शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती | यमघंट योग (11:59 रात्रि–सूर्योदय), रवियोग (11:59 रात्रि से) | वैशाख मास प्रारंभ |
| 22-04-2026 | बुधवार | रामानुजाचार्य जयंती, पृथ्वी दिवस | रवियोग (10:13 दिन तक), कुमार योग (10:13–10:50 रात्रि) | बुध रेवती में प्रवेश, मेला गुमाणो माता |
| 23-04-2026 | गुरुवार | गंगा सप्तमी, गंगोत्पत्ति, पुस्तक दिवस | सर्वार्थसिद्धि योग (पूरा दिन), अमृतसिद्धि व गुरुपुष्य योग (8:57 रात्रि–सूर्योदय) | भद्रा (8:50 रात्रि से), मंगल रेवती में प्रवेश |
| 24-04-2026 | शुक्रवार | दुर्गाष्टमी, बगलामुखी जयंती | रवियोग (8:14 रात्रि से) | भद्रा (8:06 दिन तक), गंडमूल (8:14 रात्रि से) |
| 25-04-2026 | शनिवार | हरि जयंती, जानकी नवमी | रवियोग (पूरा दिन), महापात योग (10:55 रात्रि–3:05 रात्रि), ज्वालामुखी योग (6:28–8:05 सायं) | गंडमूल (पूरा दिन), अबूझ मुहूर्त |
| 26-04-2026 | रविवार | महावीर स्वामी कैवल्य ज्ञान | यमघंट योग (सूर्योदय–8:27 रात्रि), रवियोग (8:27 तक) | गंडमूल (8:27 रात्रि तक) |
मेष राशि अग्नि तत्त्व व क्षत्रिय स्वभाव राशि है। इसके स्वामी ग्रह मंगल हैं। इस राशि में जन्मे बच्चे दबंग, साहसी, कुटुंब का पालन करने वाले, कार्यारम्भ में रूचि रखने वाले, हमेशा सक्रिय, चुनौतियों को स्वीकार करने वाले, जुझारू और थोड़े जल्दबाज होते हैं। शारीरिक सौष्ठव को बनाये रखने के लिए सदा क्रियाशील रहते हैं।
वृष राशि के स्वामी शुक्र हैं. वृष राशि में जन्मे बच्चे सौम्य स्वभाव, सहनशील, धैर्यवान, शीतल स्वभाव वाले, कलात्मक, रसिक प्रवृत्ति वाले, तेजस्वी, संघर्षशील, हठी, स्वाभिमानी, दयालु, कृतज्ञ, माता पिता व गुरु भक्त, आकर्षक, ऐश्वर्य युक्त, आभूषण आदि अलंकरण प्रिय होते हैं.
Published on:
18 Apr 2026 12:36 pm
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