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Guru Asta 2023: आज अस्त हो रहे हैं गुरु, एक महीने तक इस राशि के लोगों को महसूस होगी पिता की कमी, इस राशि की रुकी रहेगी तरक्की

Guru Asta today 28 March 2023, Effects on all zodiac signs negatively: यह प्रभाव शुभ या अशुभ हो सकता है। आपको बता दें कि यह शुभ-अशुभ लोगों की जन्मकुंडली में स्थित ग्रह की स्थिति के कारण होता है। भोपाल के ज्योतिषाचार्य पं. जगदीश शर्मा पत्रिका.कॉम के इस लेख में आपको बता रहे हैं देव गुरु बृहस्पति के अस्त होने ेसे सबसे ज्यादा किन राशियों को एक महीने तक झेलनी होगी परेशानी...? किस राशि के लोगों को नहीं मिलेगा दोस्तों का साथ, किस राशि के लोगों को रखना होगा गुस्से पर काबू...?

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Sanjana Kumar

Mar 28, 2023

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Guru Asta today 28 March 2023, Effects on all zodiac signs negatively: देव गुरु बृहस्पति इन दिनों अपनी ही राशि मीन राशि में विराजे हैं। पूरे 12 साल बाद गुरु अपनी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। जल्द ही वे अपनी ही राशि में अस्त होने जा रहे हैं। आपको बता दें कि किसी भी ग्रह के चाल बदलने, राशि बदलने, उसके अस्त होने या उदय होने से राशि चक्र की सभी 12 राशियां प्रभावित होती हैं। यह प्रभाव शुभ या अशुभ हो सकता है। आपको बता दें कि यह शुभ-अशुभ लोगों की जन्मकुंडली में स्थित ग्रह की स्थिति के कारण होता है। भोपाल के ज्योतिषाचार्य पं. जगदीश शर्मा पत्रिका.कॉम के इस लेख में आपको बता रहे हैं देव गुरु बृहस्पति के अस्त होने ेसे सबसे ज्यादा किन राशियों को एक महीने तक झेलनी होगी परेशानी...? किस राशि के लोगों को नहीं मिलेगा दोस्तों का साथ, किस राशि के लोगों को रखना होगा गुस्से पर काबू...?

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आज अस्त हो रहे हैं देव गुरु
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक देव गुरु 28 मार्च 2023 को मंगलवार को यानी आज अस्त हो रहे हैं। वे एक महीने तक अस्त ही रहेंगे। अस्त रहते हुए ही वे अपनी राशि में परिवर्तन करते हुए मेष राशि में गोचर करेंगे और मेष राशि में ही उदय होंगे। वे 27 अप्रैल को उदय हो जाएंगे।

मेष
इस राशि के लोगों के लिए देव गुरु नवम और द्वादश भाव के स्वामी हैं, वे यहां द्वादश भाव में ही अस्त हो रहे हैं। इस भाव को पिता का भाव माना जाता है। ऐसे में गुरु के इस भाव में अस्त होने से इस राशि के लोगों को इस अवधि में पिता के सुख में कुछ कमी महसूस हो सकती है। इस अवधि में आपको व्यर्थ की यात्राओं पर भी जाना पड़ सकता है। इस अवधि में आपका भाग्य आपका कम ही साथ देगा। कार्य स्थल पर आपको ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इस समय आप कड़े प्रयास करेंगे और उम्मीद करेंगे कि आपको उचित फल मिले, लेकिन आपको अपने प्रयासों का फल उम्मीद के मुताबिक उचित नहीं मिल पाएगा। गुरु के अस्त रहने दौरान आपको अपनी सेहत को लेकर भी अलर्ट रहना चाहिए।

वृष
इस राशि में देव गुरु आठवें और एकादश भाव के स्वामी माने जाते हैं। अब वो आपके एकादश भाव में ही अस्त हो रहे हैं। इस भाव में गुरु के अस्त होने से आपको अच्छे और बुरे दोनों परिणाम मिल सकते हैं। यानी यह अवधि आपके लिए मिले-जुले परिणाम देने वाली साबित होगी। आपको सेहत में सुधार दिखाई देगा। लेकिन आर्थिक समस्या इस अवधि में आपको परेशान कर सकती है। इस अवधि में यदि आप खर्च कुछ कम करके चलें तो ही बेहतर रहेगा। इस दौरान आपको अपने मित्रों और भाइयों से उचित मदद नहीं मिल पाएगी।

मिथुन
इस राशि के लिए गुरु सप्तम और दशम भाव के स्वामी हैं। वे दशम भाव में ही अस्त होंगे। इस भाव में गुरुके अस्त होने से इस राशि के लोगों की उन्नति रुक सकती है। इस अवधि में आपको अपने कार्यस्थल पर और ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इस समय आपके शत्रु आपके खिलाफ सक्रिय होकर साजिश करने की कोशिश करेंगे। इस अवधि में आपको अपने दोस्तों पर भी विश्वास नहीं करना चाहिए। इस दौरान आपको वैवाहिक जीवन में भी कुछ परेशानियां झेलनी पड़ सकती है।

कर्क
इस राशि के लिए देव गुरु छठे और नवम भाव के स्वामी माने जाते हैं। अब वे आपके नवम भाव में ही अस्त हो रहे हैं। इस समय आपके दुश्मनों का राज खुलेगा। अगर आप किसी नई नौकरी की तलाश में हैं, तो आपकी तलाश खत्म होगी। लेकिन इस अवधि में आपका भाग्य आपको परेशान कर सकता है। इस दौरान आपको पिता का सहयोग नहीं मिल सकेगा। पिता का साथ न मिलने से आप आहत हो सकते हैं। इस दौरान आपको अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए।

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सिंह
इस राशि के लोगों के लिए देव गुरु पंचम और अष्टम भाव के स्वामी माने जाते हैं। इस समय देव गुरु आपके अष्टम भाव में अस्त होंगे। इस भाव में देव गुरु के अस्त होने से आपकी धार्मिक दिनचर्या प्रभावित होगी। परिवार में कलह बढ़ सकती है। इस अवधि में आलस आपको परेशान कर सकता है, इस समय आपको आलस का त्याग करना चाहिए। इस दौरान ससुराल पक्ष से किसी भी प्रकार का कोई भी लेन देन न करें। प्रेम-प्रसंग में असफलता से मन परेशान हो सकता है। स्टूडेंट हैं तो कुछ समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

कन्या
इस राशि के लोगों के लिए देव गुरुचौथे और सप्तम भाव के स्वामी माने जाते हैं। अब वे आपके सप्तम भाव में ही अस्त हो रहे हैं। इस भाव में देव गुरुके अस्त होने से परिवार में कलह का माहौल बन सकता है। इस दौरान आपको मानसिक तनाव परेशान कर सकता है। इस समय आप अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर भी परेशान हो सकते हैं। इस अवधि में कार्यस्थल पर अपनी छवि को लेकर आपको थोड़ा सतर्क रहना चाहिए। इस अवधि में आपको नया लक्ष्य, नए अधिकार मिल सकते हैं।

तुला
इस राशि के लोगों के लिए देव गुरु तीसरे और छठे भाव के स्वामी माने जाते हैं। देव गुरुआपके छठे भाव में ही अस्त हो रहे हैं। इस दौरान आपके शत्रुओं का नाश होगा। ब्याज और शेयर मार्केट का काम करने वाले लोगों को इस अवधि में लाभ होगा। हालांकि आपको अपने भाई बहनों के साथ किसी भी प्रकार का विवाद नहीं करना चाहिए। इस अवधि में आपका सामान खोने के योग बन रहे हैं। इस अवधि में आप जब भी यात्रा पर जाएं अपने सामान की देख रेख को लेकर अलर्ट रहें।

वृश्चिक
इस राशि के लोगों के लिए देव गुरु दूसरे और पंचम भाव के स्वामी माने जाते हैं। इस अवधि में बृहस्पति आपके पंचम भाव में ही अस्त होंगे। इस दौरान आपको प्रेम प्रसंग को लेकर अलर्ट रहना चाहिए। इस अवधि में आप पर कोई आरोप भी लग सकता है। इस दौरान संतान पक्ष को लेकर भी आपकी चिंता बढ़ेगी। परिवार के लोगों का सहयोग नहीं मिल पाएगा। इसके कारण आपका क्रोधी स्वभाव भी उभर कर सामने आएगा। लेकिन आपको इस अवधि में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। किसी भी प्रकार का निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको सलाह है कि कोई भी निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

धनु
इस राशि के लोगों के लिए देव गुरु लग्न और चौथे भाव के स्वामी माने जाते हैं। देव गुरु आपके चौथे ही भाव में अस्त हो रहे हैं। इस दौरान आपको थोड़ी पारिवारिक समस्या रहेंगी। आपको अपने परिवार के किसी सदस्य की सेहत पर धन खर्च करना पड़ सकता है। इस अवधि में आपको थकान महसूस होगी। आपके शत्रु सक्रिय रहेंगे, इससे आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर चोट पहुंच सकती है। इस दौरान आपको किसी से भी अपने मन की बात शेयर करने से बचना चाहिए।

मकर
इस राशि के लोगों के लिए देव गुरुतीसरे और बारहवें भाव के स्वामी माने जाते हैं। इस समय देव गुरु आपके तीसरे भाव में अस्त होंगे। इस अवधि में आ स्वयं में साहस की कमी महसूस करेंगे। इस दौरान आप कुछ व्यर्थ की यात्राओं पर जा सकते हैं। इस अवधि में आपको अपने भाइयों से किसी भी प्रकार का कोई भी आर्थिक लेन-देन नहीं करना चाहिए। इस दौरान इस राशि के वे लोग जो विदेश में काम कर रहे हैं, उन्हें भी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

कुंभ
इस राशि के लोगों के लिए देव गुरु दूसरे और एकादश भाव के स्वामी माने जाते हैं। इस समय देव गुरु आपके दूसरे भाव में अस्त हो रहे हैं। यह भाव वाणी और परिवार का भाव माना जाता है। इस भाव में गुरु के अस्त होने से आपकी वाणी में थोड़ी कठोरता आ सकती है। इस अवधि में आपको किसी भी बड़े खर्च से बचना चाहिए। इस समय आपको वाहन चलाते समय भी सावधानी रखनी चाहिए। इस दौरान परिवार में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। इस दौरान विवाहित लोग अपने परिवार को लेकर बाहर घूमने जा सकते हैं।

मीन
इस राशि के लोगों के लिए देव गुरुलग्न और दशम भाव के स्वामी माने जाते हैं। इस दौरान देव गुरु आपके लग्न में ही अस्त होने जा रहे हैं। इस दौरान लग्नेश का लग्न में ही अस्त होने से आपको अपनी सेहत को लेकर अलर्ट रहना पड़ सकता है। खास तौर पर उन लोगों को इस अवधि में नियमित रूप से चैकअप करवाना चाहिए, जो लोग किडनी और लीवर संबंधी परेशानियों से पीडि़त हैं। इस अवधि में कार्य स्थल पर आपको कईपरेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी सहकर्मी के साथ चल रहा विवाद और बढ़ सकता है। आपको इस दौरान अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए, नहीं तो बात ज्यादा बिगड़ सकती है।

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