
सूर्य का राशि परिवर्तन जिंदगी में लाएगा भूचाल
सूर्य का तुला राशि में गोचर
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है, ये अब 18 अक्टूबर 2023 की दोपहर 01 बजकर 18 मिनट पर तुला राशि में गोचर कर लिया है। आइये जानते हैं इसका सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा..
Lord Surya In Jyotish ज्योतिष के अनुसार सूर्य देव के आशीर्वाद के बिना कोई व्यक्ति करियर में बुलंदियां हासिल नहीं कर सकता, कुंडली में मजबूत सूर्य अच्छा स्वास्थ्य और तेज बुद्धि प्रदान करते हैं। वहीं कुंडली में छाया ग्रह राहु और केतु के साथ बैठे होने पर सूर्य स्वास्थ्य समस्याएं, मानसिक तनाव, सामाजिक मान-सम्मान में कमी, आर्थिक तंगी आदि परेशानियों को जन्म देते हैं। इस लिहाज से सूर्य का राशि परिवर्तन भी सभी राशियों पर शुभ अशुभ प्रभाव डालता है। लेकिन तुला राशि में इनका होना बेहद खराब माना जाता है ऐसे में अब सूर्य 18 अक्टूबर को तुला राशि में प्रवेश कर लिया है तो आइये जानते हैं किन राशियों की जिंदगी में भूचाल लाएंगे...
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए सूर्य आपके पांचवें भाव के स्वामी हैं और अब वे सातवें भाव में स्थित होंगे। इसके प्रभाव से आप में गुस्सा रहेगा और जातक किसी बात पर भड़क सकते हैं, साझेदारी के कामों में अपना आपा खो सकते हैं। इसके चलते धन हानि की स्थितियां बनेंगी। इस अवधि में बड़े फैसले लेना मुश्किल हो सकता है और निर्णयों के परिणाम भी प्रतिकूल रहने की संभावना है। इसके अलावा मेष राशि के जातकों को नौकरी में तरक्की मिलने के आसार कम हो जाएंगे। बॉस और सहकर्मी काम में रुकावट पैदा करेंगे। वहीं मेष राशि के व्यापारियों को यात्रा पर जाना पड़ सकता है।
यह भी संभव है कि यह मन मुताबिक न रहे। आपके प्रयासों की सराहना न होने से निराशा होगी। नौकरी के लिए यह अवधि ठीक नहीं है। व्यापार में भी ज्यादा लाभ की उम्मीद नहीं है। सूर्य का तुला राशि में गोचर अवधि में पार्टनरशिप में बेहद सावधान रहने की जरूरत होगी। इस दौरान आर्थिक समस्याएं भी हो सकती हैं। पार्टनर से समर्थन न मिलने से नुकसान में बढ़ोतरी होगी, प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिलेगी। इस समय मेष राशि के जातकों की सुख-समृद्धि में कमी आएगी, बचत मुश्किल है। बच्चों के स्वास्थ्य पर धन खर्च हो सकता है। दीर्घकालिक निवेश से बचें, वर्ना हानि हो सकती है। रिलेशनशिप में पार्टनर से बातचीत में कमी होगी, दोनों का अहंकार टकराव का कारण बन सकता है। इस समय पाचन संबंधित समस्याओं से बचने की जरूरत होगी।
वृषभ राशि
सूर्य वृषभ राशि के जातकों के लिए चौथे भाव के स्वामी हैं और तुला राशि में गोचर की अवधि में छठे भाव में मौजूद होंगे। इसके कारण वृषभ राशि वालों के लिए नौकरी में ज्यादा प्रोत्साहन देने वाला नहीं है और कार्यक्षेत्र में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आशंका है कि कुछ लोगों की नौकरी जा सकती है या फिर वे स्वयं नौकरी छोड़ दें। काम के बढ़ते दबाव से कार्यस्थल का माहौल खराब रह सकता है। इस दौरान पेशेवर जीवन से उम्मीदें खूब होंगी, लेकिन परिणाम वैसा नहीं मिलेगा। वहीं इस राशि के व्यापारियों को भी भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। प्रतिद्वंद्वियों से इन्हें कड़ी टक्कर मिलेगी, ये आपकी कमजोरियों का फायदा उठा सकते हैं। इस अवधि में लिए फैसलों से आपको नकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
आर्थिक लिहाज से बात करें तो सूर्य के तुला राशि में गोचर की अवधि में वृषभ राशि वालों के खर्च बढ़ेंगे। इससे धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। वहीं अत्यधिक पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण हानि होगी। तनाव में रहेंगे, बचत नहीं कर पाएंगे। रिश्तों की बात करें तो पार्टनर और परिवार से जुड़े मामलों में भी दिक्कत रहेगी। जीवन में तनाव का असर जीवनसाथी से संबंधों पर दिखाई देगा। इस समय धन से जुड़ी समस्याएं पैदा होंगी और प्रेम जीवन-पारिवारिक रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं। इस अवधि में वृष राशि वालों को पाचन संबंधी समस्याएं, चक्कर आने और गले में संक्रमण की परेशानी से दो चार होना पड़ सकता है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी हैं और पांचवें भाव में आएंगे। इसके कारण संतान के भविष्य को लेकर चिंता रहेगी। सूर्य का तुला राशि में गोचर मिथुन राशि वालों के लिए भी अच्छा नहीं है। इस समय पेशेवर जीवन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं, इससे आप बेचैन होंगे। इससे नौकरी में बदलाव का मन कर सकता है। इसमें आपको सफलता भी मिलेगी। लेकिन यह काम सतर्कता से करें वर्ना समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। इस राशि के व्यापारियों के लिए भी सूर्य का तुला राशि में गोचर फलदायी नहीं है। हालांकि अगर आप शेयर बाजार में धन निवेश करते हैं तो आपको बड़ा लाभ होने की संभावना है।
दूसरी ओर प्रतिस्पर्धियों से कड़ी टक्कर के कारण अच्छा लाभ कमाने में आप असफल रह सकते हैं। आर्थिक स्थिति की बात करें तो मेहनत से कमाया गया धन बेकार के कार्यों में बर्बाद होने से बचाने के लिए आपको पैसों की योजना सावधानीपूर्वक बनानी होगी। बेकार के खर्चों को काबू करना होगा। यात्रा के दौरान लापरवाही से लिए गए धन से जुड़े फैसले आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। इस समय पार्टनर के साथ विवादों का सामना करना पड़ सकता है जिसकी वजह संभवतः एक-दूसरे को लेकर हुई गलतफहमी हो।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में दूसरे भाव के स्वामी हैं और तुला राशि में गोचर के दौरान चौथे भाव में मौजूद रहेंगे। ऐसे में कर्क राशि वालों को समस्याओं से जूझना पड़ सकता है, विशेष रूप से आर्थिक स्थिरता और नौकरी में मिलने वाले नए अवसरों को लेकर। इससे आप में असुरक्षा की भावना जन्म लेगी और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने से चूक जाएंगे। इस दौरान सूर्य की स्थिति नौकरी में प्रमोशन और विदेश जाने के अवसरों को सीमित कर दे। कार्यस्थल पर वरिष्ठों और सहकर्मियों के साथ किसी बात को लेकर असहमति होने की संभावना है और यह आपको दुखी करेगा। हालांकि कर्क राशि के व्यापारियों को व्यापार में अपार लाभ करवाएगा, लेकिन कंपनी के विकास की रफ्तार औसत ही रहेगी। क्योंकि प्रतिद्वंद्वियों से प्रतिस्पर्धा से हानि होगी।
आर्थिक लिहाज से कर्क राशि वालों के परिवार को इस समय किसी बड़ी आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है, जिसका असर आपकी भी कमाई पर पड़ेगा। वहीं रिश्तों की बात करें तो सूर्य के तुला राशि में गोचर की अवधि में अविवाहित जातकों के लिए योग्य पार्टनर ढूंढ़ना और पारिवारिक जीवन की शुरुआत करना बेहद कठिन रहेगा। हालांकि विवाहित जातक साथी के साथ खुलकर बातचीत करेंगे जिससे रिश्ता मजबूत होगा। और सुखद लम्हों का आनंद लेंगे। लेकिन गलतफहमियां न हों इसका ध्यान रखना होगा। इस समय स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए सूर्य महाराज पहले भाव के स्वामी हैं और तुला राशि में गोचर की अवधि में तीसरे भाव में विराजमान रहेंगे। तुला राशि में होने से सूर्य की शक्तियों में कमी आएगी और इसके परिणामस्वरूप आप में साहस और दृढ़ता का अभाव देखने को मिलेगा। इसका असर आपके द्वारा बड़े निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ेगा। नौकरी की बात करें तो अनचाहे तरीके से नौकरी में बदलाव कर सकते हैं या फिर अचानक से आपके यात्रा पर जाने के योग बन सकते हैं। जिससे आप वर्तमान स्थिति से नाखुश रहेंगे और सिंह राशि के व्यापारी अच्छा लाभ कमाने में पीछे रह सकते हैं। क्योंकि इस दौरान आपको प्रतिस्पर्धियों से कड़ी टक्कर मिलेगी। इस समय बढ़ते खर्च तनाव बढ़ाएंगे। इन्हें पूरा करने के लिए आपको कर्ज लेना पड़ सकता है। सूर्य गोचर के प्रभाव से आपकी धन कमाने और उसकी बचत करने की क्षमता में कमी आ सकती है।
वहीं रिलेशनशिप की बात करें तो सिंह राशि के जातकों को अपने पार्टनर के साथ रिश्ते में अहंकार से जुड़े मुद्दों से जूझना पड़ सकता है, जिससे कपल्स में विवाद होंगे। बातचीत में कमी होगी। रिश्ते में आपसी समझ की कमी रहेगी। इस समय स्वास्थ्य भी दगा देगा। ऊर्जा की कमी और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आएगा। इसका फिटनेस पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए सूर्य देव बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब दूसरे भाव में नीच अवस्था में रहेंगे। इससे आपके जीवन में पारिवारिक और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। पेशेवर जीवन में कन्या राशि वालों को वरिष्ठों की तरफ से चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और काम का दबाव भी बढ़ेगा। सहकर्मी भी आपकी परेशानी बढ़ाएंगे। इससे इस अवधि में आप असंतुष्ट रहेंगे। सूर्य गोचर के दौरान आपकी मेहनत की सराहना नहीं मिलेगी। इससे निराश रहेंगे। वहीं ऐसे जातक जो व्यापार करते हैं उनको लाभ और हानि दोनों ही स्थितियों से रूबरू होना होगा। इसलिए व्यापार को लेकर दिक्कत होगी। प्रतिद्वंदियों की चुनौतियां तनाव देंगी।
आर्थिक मामलों की बात करें तो सूर्य का तुला राशि में गोचर से खर्चों में बढ़ोतरी होगी, जिससे समस्याएं पैदा होंगी। साथ ही गलत निवेश भी परेशानी का कारण बन सकता है। जबकि रिश्तों में अहंकार से संबंधित समस्याएं आएंगी। जीवनसाथी से टकराव होगा। रिश्ते में खुशियों के लिए तालमेल और सामंजस्य बिठाना होगा। इस अवधि में कन्या राशि के जातकों को आंखों और दांतों में दर्द की समस्या हो सकती है।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य महाराज ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और इन्हें तुला राशि के लिए अशुभ ग्रह माना जाता है। सूर्य का तुला राशि में गोचर की अवधि में पहले भाव में होगा। इससे आपकी प्रगति और संतुष्टि का स्तर सामान्य रह सकता है। पेशेवर जीवन की बात करें तो नौकरी में संतुष्टि की भावना औसत रहेगी और काम की सराहना नहीं मिलेगी। ऑफिस का तनाव आपकी समस्याओं को बढ़ाएगा और सहकर्मियों के साथ आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। सूर्य का तुला राशि में गोचर आपके लिए व्यापार का विस्तार करना मुश्किल बना देगा। बिजनेस में जो खामियां मौजूद हैं, वह सफलता और समृद्धि प्राप्त करने में बाधा बनेंगी। इससे नुकसान और तनाव होगा।
वहीं आर्थिक लिहाज से इस अवधि में आपकी आय औसत रहेगी जो लोन या निवेश के संबंध में किसी बेहतर विकल्प को चुनने से आपको रोक सकती है। इसके फलस्वरूप ज्यादा व्यय से बचत में कमी आएगी। रिश्तों की बात करें तो जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बिठाना जरूरी होगा क्योंकि परिवार में धन से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। वहीं इस समय तुला राशि वालों का स्वास्थ्य ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा। कोई एलर्जी हो सकती है और पाचन संबंधी समस्या भी आएगी।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य आठवें भाव के स्वामी हैं और अब सूर्य का तुला राशि में गोचर की अवधि में यह आपके दसवें भाव में नीच अवस्था में स्थित होंगे। करियर के लिहाज से मकर राशि वालों के लिए सूर्य गोचर ज्यादा अनुकूल नहीं रहेगा। इसके परिणामस्वरूप कार्यस्थल पर काम के लिए सराहना न मिलना, काम के दबाव में बढ़ोतरी होना और चुनौतियों आदि का सामना करना पड़ सकता है जिन्हें आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। व्यापार करने वालों के लिए सूर्य का तुला राशि में गोचर अनुकूल प्रतीत नहीं हो रहा है।
इस दौरान आपको सावधान रहना होगा क्योंकि लाभ से ज्यादा नुकसान हो सकता है। इस समय प्रतिद्वंद्वियों से भी कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। तुला राशि में सूर्य की मौजूदगी परिवार से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी करेगी। आपके द्वारा परिवार पर खर्च बढ़ने से नुकसान हो सकता है। रिलेशनशिप की बात आती है तो पार्टनर के साथ रिश्ते में तालमेल बनाए रखना मुश्किल लग सकता है। गलतफहमियों से जीवनसाथी से बहस हो सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से मकर राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर समस्याएं लेकर आएगा।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में छठे भाव के स्वामी हैं और अब यह गोचर करके आपके आठवें भाव में जाएंगे। इस राशि के जातकों के करियर के लिए सूर्य के इस गोचर को ज्यादा फलदायी या प्रभावशाली नहीं कहा जा सकता है। इस दौरान काम में मेहनत करने के बावजूद भी हो सकता है सराहना न मिले। यदि आप व्यापार करते हैं, तो आपके लिए यह गोचर लाभदायी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि आपको हानि का सामना करना पड़ सकता है।
आर्थिक दृष्टि से लाभ कमाने के मामले में यह अवधि अधिक अनुकूल नहीं हा। इस समय आपके खर्चे बढ़ सकते हैं। रिलेशनशिप को देखें तो मीन राशि के जातकों के लिए रिश्ते में तालमेल और सामंजस्य बिठाना मुश्किल हो सकता है। छठे भाव के स्वामी के रूप में सूर्य की आठवें भाव में उपस्थिति आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। स्वास्थ्य पर होने वाले ख़र्च में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है और इस वजह से आप पैसे बचाने में सक्षम नहीं होंगे। इस गोचर के दौरान सिर दर्द की समस्या परेशान कर सकती है।
Updated on:
18 Oct 2023 02:15 pm
Published on:
17 Oct 2023 10:35 pm
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