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सोना-चांदी से लेकर गाड़ी और मकान खरीदने तक के लिए शुभ ‘महामुहूर्त’, दिवाली-धनतेरस के पहले खरीदारी का दुर्लभ योग

Ravi Pushya Nakshatra Shubh Muhurat: दीपावली से पहले 1 नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना, वाहन, भूमि और निवेश शुभ माने जाते हैं।
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भारत

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Akash Dewani

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Updated: 23 Oct 2026, 2:34 PM IST

ravi pushya nakshatra shubh muhurat shopping investment

Ravi Pushya Nakshatra: सोना-चांदी से लेकर गाड़ी और मकान खरीदने तक के लिए शुभ मुहूर्त (फोटो सोर्स- ChatGPT)

Ravi Pushya Nakshatra Shubh Muhurat: दीपावली से पहले खरीदारी और नए निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए रविवार 1 नवंबर का दिन बेहद खास रहने वाला है। अगर आप नया वाहन, मकान, सोना-चांदी या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खरीदने की सोच रहे हैं, तो 1 नवंबर को आने वाला रवि पुष्य नक्षत्र आपके लिए उत्तम अवसर लेकर आ रहा है। 27 नक्षत्रों के राजा पुष्य और सूर्य देव की सप्तमी तिथि के मेल से सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो व्यापारिक बहीखातों से लेकर प्रॉपर्टी रजिस्ट्री तक हर निवेश को चिर-स्थायी लाभ देने वाला माना गया है।सूर्य, शनि और गुरु के शुभ प्रभाव के चलते यह दिन भूमि, भवन, वाहन और बहीखातों की खरीदारी से लेकर दीर्घकालिक निवेश के लिए अत्यंत फलदायी साबित होगा।

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी 1 नवंबर को है, इस दिन पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। रविवार को पड़ने के कारण यह 'रवि पुष्य नक्षत्र कहलाएगा। रविवार के दिन आने वाला पुष्य नक्षत्र सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण करता है। सप्तमी तिथि के अधिपति भी भगवान सूर्य हैं, इसलिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन किए गए धार्मिक, आध्यात्मिक अनुष्ठान और पारिवारिक व व्यावहारिक कार्य विशेष अनुकूलता प्रदान करेंगे।

चिर-समृद्धि प्रदान करते हैं कार्य

ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार, नक्षत्र मेखला की गणना में 27 नक्षत्रों के बीच पुष्य नक्षत्र को राजा का पद प्राप्त है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि और उपस्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इन दोनों ग्रहों के प्रभाव से इस नक्षत्र को विशेष ऊर्जा मिलती है। मान्यता है, इस नक्षत्र की साक्षी में शुरू किए गए कार्य चिर-समृद्धि प्रदान करते हैं। कार्तिक मास में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। विशेष बात यह भी है कि शनि वर्तमान में देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में गोचर कर रहे हैं, जिससे यह संयोग और भी दुर्लभ बन गया है।

खरीदारी का महामुहूर्त

भारतीय परंपरा में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के 15 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। दीपावली से ठीक पहले आने वाला यह रवि पुष्य नक्षत्र बेहद मंगलकारी माना गया है। इस दिन पारंपरिक व्यापारी नए बही-खाते और दवात-कलम की खरीदारी कर पूजन की तैयारी करते हैं। श्रद्धालु सोने, चांदी व तांबे के सिक्के, विभिन्न यंत्र, धातु व पाषाण की देव प्रतिमाएं खरीदते हैं। साथ ही गृह-उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी के लिए भी यह दिन श्रेष्ठ है।

मकान की रजिस्ट्री और पॉलिसी के लिए उत्तम

पुष्य नक्षत्र के अधिपति शनि देव होने के कारण अचल संपत्ति (मकान, भूमि) की रजिस्ट्री और दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) पॉलिसियों में निवेश का विशेष लाभ मिलता है, क्योंकि ये दोनों क्षेत्र शनि के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी वित्तीय निवेश से पहले नियम व शर्तों की विधिवत समीक्षा अवश्य कर लेनी चाहिए।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और वाहनों की खरीद अनुकूल

इस दिन बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, दोपहिया व चारपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, भूखंड, खेत और फ्लैट आदि की जमकर खरीदारी होती है। आमजन श्रेष्ठ मुहूर्त की प्रतीक्षा करते हैं ताकि वे अपने परिवार की उन्नति के लिए शुभ संकल्पों को पूरा कर सकें। इस दृष्टि से रवि पुष्य सपनों को साकार करने का उत्तम अवसर लेकर आ रहा है।