
FASTag Fine
नई दिल्ली : साल 2019 से भारत में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल हाईवे टोल प्लाजा ( Toll Plaza ) पर टोल वसूलने के लिए सभी वाहनों पर FASTag लगवाना अनिवार्य कर दिया है, इसके बावजूद लोग अपने वाहनों में FASTag नहीं लगवा रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि 15 फरवरी से 29 फरवरी 2020 तक सरकार फ्री में ये FASTag लोगों को दे रही है। फ्री में FASTag मिलने के बाद भी लोग इन्हें नहीं खरीद रहे और अब तक सरकार ने बिना FASTag वाले वाहनों से कुल 20 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूल लिए हैं।
बता दें कि इतना भारी भरकम जुर्माना NHAI ने 18 लाख ऐसे वाहन चालकों से वसूला है जिन्होंने अपने वाहन में FASTag नहीं लगवाया था। जिन लोगों से जुर्माना वसूला गया है वो लोग बिना FASTag वाले वाहनों से नेशनल हाईवे पर FASTag लेन में एंट्री की थी।
दिसंबर में इस सिस्टम को पूरी तरह से देश भर में लागू कर दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम को शुरू करते हुए कहा था कि FASTag के बिना FASTag लेन में एंट्री करने वाले व्हीकल्स से डबल टोल चार्ज लिया जाएगा। भारत में अब तक FASTags लेन में बिना टैग वाले व्हीकल ले जाने पर 18 लाख व्हीकल्स से करीब 20 करोड़ रुपये तक का डबल चार्ज लिया जा चुका है।
NHAI द्वारा इंप्लिमेंट किए गए RFID बेस्ड FASTag इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम की बदौलत नेशनल हाईवे पर लोगों की मुश्किलें कम हुई हैं और इससे काफी हद तक यात्रियों को राहत मिली है। अब तक कई प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) से करीब 1.55 करोड़ से ज्यादा FASTags जारी किए जा चुके हैं। NHAI ने देखा है कि FASTags की बिक्री बढ़ रही है, जिससे पता चल रहा है कि लोग इस डिजिटल सिस्टम को समझ रहे हैं और अपने व्हीकल्स पर FASTags को लगा रहे हैं।
Published on:
26 Feb 2020 12:11 pm
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