
Mahindra Overtakes Hyundai: भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में हाल ही में कई बदलाव देखने को मिले हैं। सबसे बड़ा बदलाव कार कंपनियों की रैंकिंग में हुआ है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने हुंडई मोटर इंडिया को पीछे छोड़कर फरवरी 2025 में देश की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बन गई है। यह सफलता महिंद्रा की 19% सालाना ग्रोथ के कारण मिली, जिसमें कंपनी ने घरेलू बाजार में 50,420 गाड़ियां बेचीं।
फरवरी 2025 में हुंडई इंडिया ने 11,000 गाड़ियों का एक्सपोर्ट किया, जो पिछले साल की तुलना में 6.8% ज्यादा है। वहीं, महिंद्रा ने 1,966 गाड़ियों का एक्सपोर्ट किया। कुल मिलाकर, हुंडई ने फरवरी में 58,727 गाड़ियां बेचीं, जबकि महिंद्रा की कुल बिक्री 52,386 यूनिट रही।
महिंद्रा ने यूटिलिटी व्हीकल (SUV) कैटेगरी में 50,420 गाड़ियों की बिक्री की, जिससे कंपनी को 19% की ग्रोथ मिली। कुल मिलाकर, घरेलू और एक्सपोर्ट मिलाकर महिंद्रा की कुल बिक्री 52,386 यूनिट रही। इसके अलावा, कमर्शियल व्हीकल्स (CV) सेगमेंट में कंपनी ने 23,826 यूनिट बेचीं है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिवीजन के प्रेसिडेंट विजय नाकरा ने कहा, "फरवरी में हमने 50,420 SUV बेचीं, जो 19% की बढ़ोतरी है। कुल मिलाकर, हमने 83,702 गाड़ियों की बिक्री की, जिसमें 15% की ग्रोथ दर्ज हुई। यह हमारी SUV पोर्टफोलियो की मजबूत मांग का नतीजा है।"
हुंडई मोटर इंडिया ने फरवरी 2025 में कुल 58,727 गाड़ियों की बिक्री की। यह पिछले साल के मुकाबले 2.93% की गिरावट है, क्योंकि फरवरी 2024 में कंपनी ने 60,501 यूनिट बेची थीं।
हुंडई की घरेलू बिक्री भी घटी है। फरवरी 2025 में कंपनी ने 47,727 गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल के 50,201 यूनिट के मुकाबले 4.93% कम है।
हुंडई ने बिक्री में गिरावट की वजह भू-राजनीतिक (Geopolitical) चुनौतियों को बताया है। हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि नए टैक्स सुधारों से आने वाले महीनों में बिक्री में सुधार होगा। जनवरी 2025 में हुंडई ने 65,603 गाड़ियां बेची थीं, जो फरवरी में 10.48% कम हो गई। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में कंपनी की बिक्री 67,615 यूनिट थी, जिससे यह साफ है कि पिछले तीन महीनों में हुंडई की बिक्री लगातार गिर रही है।
दमदार SUV पोर्टफोलियो - महिंद्रा की SUVs (XUV700, Scorpio-N, Thar और Bolero) की बाजार में जबरदस्त मांग हैं। ये गाड़ियां खासतौर पर भारतीय ग्राहकों को पसंद आ रही हैं, जिससे बिक्री तेजी से बढ़ी है।
मजबूत डोमेस्टिक सेल्स - महिंद्रा की घरेलू बिक्री (50,420 यूनिट) में 19% की ग्रोथ हुई, जबकि हुंडई की बिक्री 4.93% घटी। इससे महिंद्रा ने भारतीय बाजार में हुंडई को पीछे छोड़ दिया।
उत्पादन और डिलीवरी में सुधार - महिंद्रा ने पिछले साल से अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाई है, जिससे वेटिंग पीरियड कम हुआ और ज्यादा गाड़ियां डिलीवर हो पाईं।
हुंडई की बिक्री में गिरावट - हुंडई की बिक्री में जियोपॉलिटिकल इश्यूज और सप्लाई चेन चुनौतियों के चलते गिरावट आई। इसके अलावा, हुंडई की कई गाड़ियां कॉम्पैक्ट और सेडान सेगमेंट में आती हैं, जबकि SUV सेगमेंट की ग्रोथ ज्यादा तेज है।
इंडियन मार्केट में SUV की बढ़ती डिमांड - ग्राहकों की पसंद अब हैचबैक और सेडान से हटकर SUVs की तरफ बढ़ रही है। महिंद्रा इस सेगमेंट में लीडर बनकर उभरी है, जबकि हुंडई का फोकस अभी भी मल्टी-सेगमेंट में बंटा हुआ है।
अग्रेसिव प्राइसिंग और बेहतर फीचर्स - महिंद्रा की गाड़ियां न केवल दमदार परफॉर्मेंस देती हैं, बल्कि सुरक्षा फीचर्स, एडवांस टेक्नोलॉजी और किफायती कीमत के कारण ग्राहकों की पहली पसंद बन रही हैं।
नतीजतन इन सभी कारणों से महिंद्रा ने हुंडई को पीछे छोड़ते हुए फरवरी 2025 में भारत की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बनने का गौरव हासिल किया।
Updated on:
3 Mar 2025, 11:21 AM IST
Published on:
3 Mar 2025, 11:20 AM IST
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