
अब अयोध्या में बनने जा रही है सीता झील, खुशी से झूमी जनता
सीता झील परियोजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। यह परियोजना लम्बे समय से फाइलों में कैद थी। सीएम योगी आदित्यनाथ की विशेष रुचि के बाद राम जन्मभूमि से सात किमी दूर नयाघाट से गुप्तारघाट के बीच प्रस्तावित सीता झील निर्माण प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। अफीम कोठी के पास 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के समानांतर सीता झील का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना को सरयू नहर खंड अंतिम रूप दे रहा है। और इस परियोजना में 268 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सीता झील परियोजना को मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है। अब सिर्फ सीएम योगी आदित्यनाथ से हरी झंडी का इंतजार है।
सरयू नदी से जुड़ेगा सीता झील
सीता झील परियोजना से सम्बंधित अधिकारियों ने बताया कि, सीता झील परियोजना के लिए 80 हेक्टेयर भूमि की जरुरत है। जिसमें से किसानों से 46 हेक्टेयर भूमि और करीब 34 हेक्टेयर भूमि नजूल का अधिग्रहण किया गया है। सीता झील की लंबाई 2.66 किमी, चौड़ाई 300 मीटर और गहराई 5 मीटर होगी। इस झील को जमथरा स्थित गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड के पास सरयू नदी से जोड़ा जाएगा।
मिट्टी परीक्षण शुरू
बताया जा रहा है कि, सरयू नहर खंड ने खोदाई पूर्व मिट्टी परीक्षण शुरू कर दिया है। झील से निकली मिट्टी मिट्टी का इस्तेमाल जमथरा के पास चल रहे बंधा निर्माण किया जाएगा। लगभग एक किमी से अधिक लंबे बंधे का निर्माण सरयू नहर खंड करा रहा है।
कमेटी खोदाई की तारीख करेगी तय
अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि, मिट्टी की परीक्षण रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी नितीश कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी उसकी खोदाई की तारीख तय करेगी।
झील नहीं नाम सीता सरोवर रखा जाए : चंपतराय
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपतराय के अनुसार, सीता के साथ सरोवर शब्द का प्रयोग अधिक व्यापक और सारगर्भित प्रतीत होता। सबकी इच्छा है कि इसका नाम सीता सरोवर रखा जाए।
Published on:
14 May 2022 11:40 am
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