
VHP ने रखीं 4 बड़ी मांगें | फोटो सोर्स- patrika.com
Ram Mandir Trust Latest News: अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर के चढ़ावे और दान में वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर सियासी और सामाजिक घमासान तेज हो गया है। इस मामले में अब विश्व हिंदू परिषद (VHP) बहुत सख्त नजर आ रहा है। वीएचपी के बड़े नेता आलोक कुमार ने सोशल मीडिया पर राम मंदिर की तस्वीर वाला एक पोस्टर सोशल मीडिया X पर शेयर करते हुए सरकार से तुरंत एक्शन लेने की मांग की है। इस पोस्टर में उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चल रही गड़बड़ियों को दूर करने के लिए सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने 4 प्रमुख मांगें रखी हैं।
विश्व हिंदू परिषद ने साफ किया है कि मंदिर की पवित्रता और जनता के भरोसे से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आलोक कुमार द्वारा उठाई गई 4 मांगें ये हैं-
यह पूरा विवाद राम मंदिर के दान पात्रों (हुंडी) में जमा हुई करोड़ों की राशि और कीमती सामानों के गायब होने से जुड़ा है। जब 2020 में राम मंदिर के लिए ट्रस्ट बना था, तब देश-विदेश के करोड़ों भक्तों ने अरबों रुपये, सोना और चांदी दान किए थे। अब आरोप लग रहा है कि इस चढ़ावे में से करोड़ों रुपये गायब हैं। शुरुआत में कहा गया कि करीब 7 करोड़ रुपये गायब हुए हैं, लेकिन अब दावा किया जा रहा है कि यह गड़बड़ी सैकड़ों करोड़ रुपये की हो सकती है।
इसके अलावा इस विवाद में साल 2021 में हुआ एक जमीन का सौदा भी शामिल है। आरोप है कि ट्रस्ट ने एक जमीन 18.5 करोड़ रुपये में खरीदी, जबकि उससे ठीक कुछ मिनट पहले ही किसी और ने उस जमीन को सिर्फ 2 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जमीन के लिए इतनी बड़ी रकम क्यों दी गई।
जून 2026 में कुछ पूर्व कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं ने जब इस मामले को दोबारा उठाया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गहराई से जांच के लिए 3 सदस्यों वाली एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया। यह टीम अब दान के पैसों, जमीन के सौदों और गायब हुए कीमती सामानों के हिसाब-किताब की जांच कर रही है।
वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर ट्रस्ट ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। ट्रस्ट का कहना है कि अभी सभी खातों की जांच चल रही है।
वीएचपी नेताओं का मानना है कि जनवरी 2024 में देश को मिला यह भव्य मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। इसलिए मंदिर की पवित्रता और पैसों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही या हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून को ऐसे लोगों से पूरी सख्ती के साथ निपटना चाहिए।
Updated on:
25 Jun 2026 12:21 pm
Published on:
25 Jun 2026 12:21 pm
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