
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो- पत्रिका)
Chief Minister visit to Ayodhya: अयोध्या में श्री राम मंदिर दान पात्र विवाद मामले में मुख्यमंत्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी का गठन किया गया है, जो दूध का दूध और पानी का पानी करेगी। यदि आप लोगों के पास किसी प्रकार का प्रमाण है तो वह एसआईटी के सामने प्रस्तुत करें, उसे सार्वजनिक करना गलत है। वरना कल आपको नोटिस मिल सकता है। आपको अपनी बात का प्रमाण देना पड़ेगा, नहीं तो चरित्र हनन के मामले में लेने को देने पड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महंत नृत्य गोपाल दास महाराज के जन्मोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की पहचान प्रभु राम की मर्यादा से है। काशी की पहचान भगवान शंकर और मथुरा वृंदावन की पहचान कृष्ण कन्हैया की भक्ति, प्रयागराज की पहचान सनातन की समरसता से है। हमें इसके साथ किसी को खिलवाड़ करने नहीं देना है।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह वही लोग हैं जो कुंभ स्नान पर उंगली उठाते थे, कहते थे यहां भेदभाव होता है जबकि संगम पर संत भी स्नान करते थे और सफाई कर्मचारी भी। प्रयागराज में सनातन पर उंगली उठाते थे। सत्ता में रहते हुए इन लोगों ने कुंभ को अराजकता लूट का अड्डा बना रखा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आज यह भी देखने आए हैं कि क्या वास्तव में अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ में कमी आई है? उन्होंने देखा कि अयोध्या पूरी तरह से भरी पड़ी है। सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी जाकर दर्शन किए, उसके बाद राम जन्मभूमि के दर्शन किए। सीएम योगी ने कहा कि हम जब भी तीर्थ स्थल पर जाते हैं तो सबसे पहले वहां के 'ईस्ट' को नमन करते हैं। उसके बाद ही दूसरे कार्य होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 बजे सो कर उठने वाले अयोध्या और सनातन की महिमा को क्या समझेंगे। जीवन भर भोग में मस्त रहने वाले लोग योग की महिमा को नहीं समझ पाएंगे। इनसे किसी प्रकार की उम्मीद ना करना। आज की अयोध्या में हर व्यक्ति गौरव की अनुभूति करता है। उन्होंने कहा कि विश्वास कीजिए आगे भी अच्छा होगा। सरकार देश और धर्म के लिए सब कुछ करेगी।
Published on:
19 Jun 2026 07:22 pm
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