19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राम लला के मंदिर में लगे ताम्रपत्र की विशेष पूजा, संस्कृत में लिखा है विश्व के कल्याण का श्लोक

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान कई धार्मिक परंपराओं और नियमों का पालन किया जाएगा. इस दौरान यहां लगे उस ताम्र पत्र की विशेष पूजा होती है।

less than 1 minute read
Google source verification
tam patra

Ayodhya: अयोध्या में अब से कुछ देर बाद ही रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। मुख्य यजमान के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अनुष्ठान में शामिल होंगे। 84 सेकेंड के मात्र विशेष मुहूर्त के दौरान प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया पूरी होगी। रामलला की मूर्ति की आंखों पर लगी पट्टी हटा दी जाएगी। कांच दिखाकर और काजल लगाकर वैदिक मंत्रोचार के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। राम मंदिर उद्घाटन के दौरान यहां लगे उस ताम्र पत्र की विशेष पूजा होगी। जिस पर संस्कृत भाषा में आज के उद्घाटन का विवरण दर्ज है।

यह भी पढ़ें: वाराणसी के इस स्टेशन से अयोध्या के लिए चलेगी ट्रेन, बुकिंग शुरु, श्रध्दालुओं की राह होगी आसान

ताम्रपत्र में है विश्व के कल्याण का सार

सबसे पहले राम लला की प्राचीन मूर्ति की विधिवत पूजा होगी। उसके बाद उस ताम्रपत्र की पूजा होगी जिसमें संस्कृत में लिखा है 'लोका: समस्ता सुखिनो भवन्तु'। अर्थात इस लोक में रहने वाले सभी लोग सुखी हों। इसमें आगे लिखा है "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी",अर्थात, मां और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं। तामपत्र पर लिखा श्लोक वाल्मीकि रामायण के दक्षिण भारतीय संस्करण से लिया गया है।

यह भी पढ़ेँ: अयोध्या में सुबह 10 बजे से गूंजेगी मंगलध्वनि, 84 सेकंड का शुभ मुहूर्त, जानें क्या है पूरा कार्यक्रम


बड़ी खबरें

View All

अयोध्या

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग