
जेल से बाहर निकला तारिक
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. गोरखपुर के गोलघर में हुए सीरियल बम ब्लॉस्ट मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार सिंह ने आजमगढ़ के तारिक काजमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही उसपर 2.15 लाख रूपये अर्थदंड भी लगाया गया है। तारिक को दिसंबर 2007 में बाराबंकी रेलवे स्टेशन से जौनपुर के खालिद मुजाहिद के साथ एटीएस ने गिरफ्तार किया था। तारिक की गिरफ्तारी के बाद बड़ा आंदोलन हुआ था। अब उसकी सजा के बाद आजमगढ़ एक बार फिर चर्चा में है।
आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव निवासी जनपद के तारिक काजमी को सीरियल बम ब्लास्ट में आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। एसटीएफ ने दिसंबर 2007 में बाराबंकी रेलवे स्टेशन से जौनपुर जिला निवासी खालिद मुजाहिद के साथ उसे गिरफ्तार किया था। उसके पास से भारी मात्रा में गोला, बारूद व असलहा भी बरामद हुआ था।
तारिक की गिरफ्तारी के बाद जिले में महीनों आंदोलन चला था। जिस समय तारिक की गिरफ्तारी हुई, उस समय प्रदेश में बसपा की सरकार थी। जिले में तारिक की गिरफ्तारी पर खुलकर राजनीति की गयी। यहां तक कहा गया कि तारिक को एसटीएफ ने रानी की सराय स्थित उसके दवाखाने से उठाया और फिर बाराबंकी से असलहों के साथ गिरफ्तारी दिखा दी। वर्ष 2012 में यूपी में सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी तो वर्ष 2013 में सरकार द्वारा तारिक के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की कोशिश भी की गयी लेकिन कोर्ट ने ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा था। अब कोर्ट ने तारिक को आजीवन कारावास के साथ ही 2.15 लाख रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
बता दें कि सीरियल बम ब्लास्ट में गोरखपुर कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर निवासी राजेश राठौर ने मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि वह बलदेव प्लाजा पेट्रोल पंप के निकट सरस्वती एजेंसी में बतौर सेल्समैन का कार्य करते हैं। 22 मई 2007 को समय करीब 7 बजे वह बलदेव प्लाजा पर मौजूद थे। उसी समय जलकल बिल्डिंग की तरफ से एक विस्फोट की आवाज सुनाई दी, जिससे भगदड़ मची हुई थी। इसी बीच दूसरा विस्फोट बलदेव प्लाजा पेट्रोल पंप के बगल में साइकिल में टंगे झोले में रखे हुए बम के कारण हुआ। अभी लोग कुछ समझ पाते कि तीसरा विस्फोट गणेश चैराहे पर हुआ। इसकी सूचना पाकर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई और विस्फोट वाले स्थानों से भीड़ को हटाने लगी। इस मामले की विवेचना अभियुक्त तारिक काजमी का नाम प्रकाश में आया और विवेचक ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। तारीक को सजा से एक बार फिर आजमगढ़ सुर्खियों में आ गया है।
BY Ranvijay singh
Updated on:
22 Dec 2020 09:26 am
Published on:
22 Dec 2020 09:26 am
