6 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

यूपी निकाय चुनाव 2022: रिजर्वेशन लिस्ट से बाहर होने वालों ने चला आखिरी दांव

यूपी निकाय चुनाव 2022 सीट आरक्षण से कई दावेदार मैदान से बाहर हो गए है। इन दावेदारों ने अब आखिरी दांव चला है।

2 min read
Google source verification
प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

यूपी नगर निकाय चुनाव 2022 में शहर की सत्ता हासिल करने की जंग तेज हो गई है। सीटों के आरक्षण ने सैकड़ों दावेदारों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। आरक्षण के बाद नए दावेदार भी सामने आ गए हैं। घमासान साफ दिख रहा है लेकिन रेस से बाहर हुए दावेदारों ने अभी हार नहीं मानी है। उन्होंने आखिरी दाव चल दिया है। जिसका दांव सफल होगा वह फिर कुर्सी की रेस में शामिल हो जाएगा। अगर दाव फेल हुआ तो पांच साल इंतजार पक्का है।


नगरपालिका में आरक्षण की स्थिति
आजमगढ़ नगरपालिका में इस बार डेढ़ दर्जन से अधिक सवर्ण दावेदार थे। आयोग ने इस सीट को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया है। इससे इनकी दावेदारी समाप्त हो गई है। मुबारकपुर नगरपालिका को महिला के लिए आरक्षित किया गया है। यहां पुरुषों दावेदारों के लिए दरवाजे बंद हो गए हैं। बिलरियागंज नई नगरपालिका बनी है। इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व किया गया है। यहां डेढ़ दर्जन मुस्लिम दावेदार थे जो अब मैदान से बाहर हैं।


जिले की 13 नगरपंचायतों के आरक्षण की क्या है स्थिति
जिले में 13 नगर पंचायत हैं। मेंहनगर और बूढ़नपुर नगर पंचायत को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। अजमतगढ़ नगर पंचायत को अन्य पिछड़ा वर्ग और कटघर लालगंज को अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया है। नगर पंचायत जीयनपुर और जहानागंज को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। अतरौलिया, मार्टिनगंज और माहुल नगर पंचायत महिला के लिए आरक्षित की गई है। फूलपुर, निजामाबाद और सरायमीर नगर पंचायत को अनारक्षित किया गया है।


आरक्षण के कारण 200 से अधिक दावेदार रेस से बाहर
सीटों के आरक्षण के चलते जिले की तीन नगर पालिका और 13 नगर पंचायत में 200 से अधिक दावेदार रेस से बाहर हो चुके है। जहां सीट माहिला के लिए आरक्षित है वहां रेस से बाहर हुए लोग पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों को लड़ाने की तैयारी में हैं। बाकि आखिरी दाव चल चल चुके हैं।


आपत्ति है प्रत्याशियों का आखिरी दांव
जिले में आरक्षण के खिलाफ नगरपालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण के खिलाफ आपत्ति का मौका दिया गया है। रेस से बाहर दावेदारों ने आपत्ति दाखिल कर दी है। आजमगढ़ नगरपालिका में सर्वाधिक 30 आपत्ति दाखिल की गई हैं। इसके अलावा मुबारकपुर में 11 और बिलरियागंज में नौ लोगों ने आपत्ति दाखिल की है। यह सभी सीट में बदलाव चाहते हैं।


नगर पंचायत की बात करें तो महराजगंज में दो, अजमतगढ़ में तीन, जहानागंज में पांच, सरायमीर, मार्टीनगंज में एक-एक, माहुल में दो, लालगंज में पांच, मेंहनगर में सात आपत्ति दाखिल की गई है। इसी तरह बूढ़नपुर और अतरौलिया में भी एक-एक आपत्ति दाखिल हुई है। आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 दिसंबर निर्धारित थी। अब प्रशासन आपत्ति निस्तारण की तैयारी में जुटा है।


आरक्षण नहीं बदला तो पांच साल इंतजार पक्का
आपत्ति दाखिल करने वाले दावेदारों को भरोसा है कि फैसला उनके हक में होगा। यानि की वह जैसी सीट चाहते हैं आपत्ति निस्तारण के बाद हो जाएगी। अगर ऐसा हुआ तो जिनकी आपत्ति स्वीकार हुई वे फिर अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हो जाएंगे। वहीं जिनकी आपत्ति खरिज हुई उन्हें पांच साल तक इंतजार करना होगा।