
यूपी नगर निकाय चुनाव के लिए आरक्षण की स्थिति साफ हो गई है। पहली बार आजमगढ़ जिलों में छह शहरों की सत्ता महिलाओं के हाथ में होगी। कारण कि इन सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
जिले में तीन नगरपालिका और 13 नगर पंचायत
जिले में वर्तमान में तीन नगरपालिका व 13 नगर पंचायत हैं। इसमें बिलरियागंज को पहली बार नगर पालिका बनाया गया है। वहीं जहानागंज और मार्टीनगंज तथा बूढ़नपुर नई नगर पंचायत गठित हुई है। नई गठित नगर पंचायतों में पहली बार चुनाव होगा। बिलरियागंज पहले नगर पंचायत थी। अब इसके क्षेत्र का विस्तार कर नगर पालिका बनाया गया है।
मुबारकपुर नगरपालिका में महिलाओं के बीच होगा मुकाबला
नगर पालिका मुबारकपुर में इस बार महिलाओं के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। कारण कि यह सीट महिला के लिए आरक्षित की गई है। 2017 में यह सीट पिछड़ा वर्ग के खाते में थी।
इन नगर पंचायतों में महिला अध्यक्ष बनना तय
माहुल नगर पंचायत को महिला के लिए आरक्षित किया गया है। अतरौलिया व मार्टीनगंज नगर पंचायत अध्यक्ष सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित की गई है। इसके अलावा अतरौलिया को पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
आरक्षण से महिलाओं को मिला राजनीति का अवसर
सीटों पर आरक्षण के बाद महिलाओं को राजनीति का बड़ा अवसर मिला है। आरक्षण से पहले लगभग सभी सीटों पर पुरुषों की दावेदारी थी। इसमें कई ऐसे भी थे जिनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी लेकिन अब वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। अब वे परिवार की महिलाओं के चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं आरक्षण के बाद राजनीति से जुड़ी कई महिलाएं खुद ही मैदान में आकर टिकट की दावेदार कर रही हैं।
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क्या कहती है महिलाएं
सपा महिला प्रकोष्ठ की नेता सुनीता सिंह, द्रोपीदी पांडेय, बीजेपी की शकुंतला चौहान, बसपा नेता रागिनी गौतम कहती है कि इससे महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा। उन्हें सत्ता मिलेगी तो आने वाले समय में अन्य महिलाएं भी राजनीति का रुख करेंगी। समानता के अधिकार के लिए राजनीति में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है। आरक्षण हमें यह अवसर प्रदान कर रहा है।
Published on:
14 Dec 2022 07:03 am
