
बागपत। जनपद में ईद (Eid 2020) के 1 दिन पहले रविवार (Sunday) को इंसानियत का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने साबित कर दिया है कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। खुदा उन्हीं बंदों पर मेहरबान होता है जो खुदा के बंदों की हिफाजत करते हैं। इस दौर में अगर कोई व्यक्ति दूसरे धर्म के व्यक्ति की जान बचाने के लिए अपना खून दान (Blood Donation) करे तो इससे बढ़कर इंसानियत का तकाजा और कुछ हो ही नहीं सकता। वह भी ऐसे समय में जब मुस्लिम (Muslim) युवक माहे पाक रमजान (Ramadan 2020) फर्ज रोजा तोड़कर अपना खून हिंदू (Hindu) धर्म की महिला को दान करता है।
महिला की हालत थी गंभीर
हेल्फ लाइफ के संस्थापक ने अपना रोजा तोड़कर एक हिन्दू महिला को रक्तदान किया। इसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है। एक महिला को गंभीर हालत में इलाज के लिए बड़ौत के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला को 3 यूनिट रक्त की आवश्यकता थी। ब्लड बैंक (Blood Bank) व अन्य स्थानों पर परिजनों ने काफी तलाश किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच महिला की हालत धीरे-धीरे खराब होती जा रही थी।
युवकों का आभार व्यक्त किया
जब इसकी जानकारी संस्था के संस्थापक नौशाद मलिक व प्रबंधक एडवोकेट विकास मलिक को मिली। इस पर नौशाद मलिक ने रोजे को रद्द कर महिला की जान बचाने की ठानी। इसके बाद नौशाद मलिक और विकास मलिक ने अस्पताल पहुंचकर अपना खून दिया। इसके चलते महिला की जान बच गई। महिला के परिवार वालों ने इसके लिए उनका दिल से आभार व्यक्त किया।
Updated on:
25 May 2020 09:50 am
Published on:
25 May 2020 09:46 am
