
फोटो सोर्स: फाइल फोटो, मृतक रामगोपाल
बहराइच जिले में 13 अक्टूबर, 2024 को दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान रामगोपाल मिश्रा की हत्या कर दी थी। इस मामले में मंगलवार (9 दिसम्बर) को रामगोपाल मिश्रा की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र कोर्ट ने 10 अभियुक्तों को निर्मम हत्या करने के आरोप में दोषी करार दिया। अब इस मामले में कोर्ट गुरुवार को सजा का ऐलान करेगा। अदालत ने सभी आरोपियों को नृशंस हत्या का दोषी माना है। इस मामले में महज 13 महीने 26 दिनों में ही मृतक के परिवार के लिए न्याय का रास्ता साफ हुआ है।
रामगोपाल मिश्रा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सहित अन्य 13 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। कई महीनों तक चले ट्रायल के बाद आखिरकार राम गोपाल मिश्रा के परिजनों को न्याय मिलता दिखाई दे रहा है। इस मामले में कोर्ट ने अब्दुल हमीद, फहीम, सरफराज, तालिब, सैफ, जावेद, जीशान, शोएब, ननकऊ और मारुफ को कठोर अपराध का दोषी माना है।
दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बीडी वर्मा ने बताया कि अभियुक्तों पर सात धाराएं लगाई है। इसमें से दो धाराएं काफी गंभीर श्रेणी में आती है। धाराओं में 191(2) में दो वर्ष, 191(3) में पांच वर्ष, 190, 109(2) में मृत्युदंड व आजीवन कारावास, 249 में पांच वर्ष और 61(2) में मृत्युदंड, आजीवन कारावास व कठोर कारावास का प्रावधान है। वहीं धारा 30 आर्म्स एक्ट में छह माह की सजा का प्रावधान किया गया है।
दुर्गा पूजा विसर्जन 13 अक्टूबर 2024=के दौरान बहराइच के महाराजगंज में हिंसा और आगजनी हुई थी। प्रतिमा विसर्जन के दौरान समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव करते हुए फायरिंग कर दी थी। रामगोपाल मिश्रा के साथ क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उनके नाखूनों को उखाड़ लिया गया था। गोपाल को कई गोलियां मारी गई थी। रामगोपाल की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया था। हत्या के बाद पूरे बहराइच में जनता के द्वारा जबरदस्त आक्रोश देखा गया था और दर्जनों से ज्यादा दुकानें जला दी गई थी। हत्या के बाद बहराइच में भारी फोर्स लगाई गई थी। उस समय कानून व्यवस्था को संभालने के लिए शासन ने STF चीफ अमिताभ यश को दंगा रोकने के लिए भेजा था। अमिताभ यश खुद सड़क पर उतर कर आक्रोशित भीड़ से मोर्चा लिए।
Published on:
11 Dec 2025 07:45 am
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