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वृंदावन के प्रेम मंदिर की तर्ज पर बनाया गया माता रानी का दरबार

पिछले साल बद्रीनाथ मंदिर की तरह बनाया गया था पंडाल, प्रदेश में लगा था दूसरा स्थान कलकत्ता के दो इंजीनियर सहित 25 कारीगर ने तैयार किया बैहर की मातारानी का दरबार

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प्रतिदिन हजारों की संख्या में दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु

प्रतिदिन हजारों की संख्या में दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु

जिले के बैहर तहसील क्षेत्र के सार्वजनिक दुर्गा उत्सव बस स्टैंड परिसर में शारदेय नवरात्र में इस बार वृंदावन के प्रेम मंदिर की माता रानी का दरबार बनाया गया हैं। यहां विधि विधान से बैहर की रानी मां विराजित की गई हैं। प्रेम मंदिर की तरह आकृति बनाने कलकत्ता से दो इंजीनियर सहित 25 कारीगर पहुंचे थे। जिन्होंने महज 15 दिनों में प्रेम मंदिर की तरह पंडाल की आकृति तैयार की है। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि यहां विराजित माता रानी की तीनों प्रतिमाएं मध्य प्रदेश के सागर जिले से बनवाए हैं। इनमें मां काली, दुर्गा जी की प्रतिमाएं शामिल हैं। नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक गरबा महोत्सव शासकीय उत्कृष्ट मैदान में आयोजित किया जा रहा है। प्रति दिन माता रानी के दर्शन करने और गरबा महोत्सव का लाभ लेने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

पिछले साल बनाया था बद्रीनाथ मंदिर

समिति के पदाधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष उत्तराखंड के भगवान बद्रीनाथ मंदिर की आकृति में मातारानी को विराजित किए थे। बद्रीनाथ मंदिर की तरह बनाए गए पंडाल का प्रदेश में दूसरा स्थान लगा था। पहले स्थान पर इंदौर रहा था। इंजीनियर अशोक हल्ला ने बताया कि बैहर में पहली बार उनकी टीम ने आकर वृंदावन के प्रेम मंदिर का स्वरूप बनाया है। मंदिर का स्वरूप बहुत बड़े आकार में बनना था, लेकिन जगह के अनुसार बनाए हंै। मातारानी के दरबार को 15 दिनों में कारीगरों की मदद से तैयार किया गया हैं।

प्रतिदिन हो रहा भंडारा

पंडित निरंजन शर्मा ने बताया कि बैहर की रानी मां की पूरे नौ दिनों तक संगीतमय आरती होगी। यहां पर रोजाना शाम चार बजे से भक्तों को भंडारे के रूप में महाप्रसादी का वितरण किया जाता है। बैहर में नवरात्र के दौरान पूरे नौ दिनों तक मेला जैसा माहौल निर्मित रहता है। हर तीन-चार साल के भीतर शारदेय नवरात्र में एक साथ अधिक प्रतिमाएं रखते है। आगामी वर्ष में 551 देवी, देवताओं की प्रतिमा रखने का संकल्प हैं। इसके पूर्व सन 2018 में 108 देश भर के प्रसिद्ध मातारानी के स्वरूपों को विराहित किया गया था। 2023 में 251 देश भर के प्रसिद्ध देवी, देवताओं की प्रतिमा रखे थे। इस साल मां काली, दुर्गा, मां जगदम्बे भवानी की प्रतिमा विराजित की गई है।

झांकियां रहेगी आकर्षण का केंद्र

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शोभायात्रा में अखंड महाकाली बाना छत्तीसगढ़, ओडिशा की बैंड पार्टी, अंतर राष्ट्रीय कृष्ण बलराम राक, कीर्तन बैंड वृंदावन उत्तर प्रदेश, बैंड पार्टी मुंबई महाराष्ट्र, पारंपरिक शहनाई जबलपुर व बैंड पार्टी कटंगी मप्र अपनी-अपनी धुन में संगीतमय कला का प्रदर्शन करेंगे। बेलपार कालके झांकी ओडिशा, हनुमान जी का ड्रोन शो छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की रंगोली लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।