
Ballia News: उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विकास मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के विवादित बयान को लेकर बलिया में बवाल खड़ा हो गया है। मंत्री द्वारा “बलिया के लोग अंग्रेजों के दलाल थे और यहां आज भी दलाली का सिस्टम चलता है” वाले बयान के बाद करणी सेना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
करणी सेना बलिया के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने मंत्री के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि “जो भी संजय निषाद की जुबान खींचकर लाएगा उसे 5 लाख 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि यदि मंत्री उनके सामने आ जाएँ तो वह “राख लगाकर उनकी जुबान खींच लेंगे।”
कमलेश सिंह ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद टिकट बेचकर पैसे कमाता है और निषाद समाज को गुमराह करता है, वह बलिया जैसे ऐतिहासिक जनपद को ‘दलाल’ कह रहा है। उन्होंने कहा कि संजय निषाद निषाद वंश को बेचकर अपने परिवार को पाल रहे हैं और अपने बेटे को सांसद बनवाकर खुद मंत्री बने हैं।
उन्होंने कहा कि बलिया की धरती ‘बागी बलिया’ के नाम से जानी जाती है, जहाँ 1942 में चित्तू पांडे की अगुवाई में आजादी का पहला बिगुल बजा था। मंगल पांडे, चंद्रशेखर जैसी महान हस्तियों से जुड़े इस जनपद को ‘दलाल’ कहना यहां की ऐतिहासिक गरिमा का अपमान है।
करणी सेना के जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि यदि कोई युवा मंत्री की जुबान खींचकर लाएगा, तो उसे बलिया के लोगों की ओर से 5 लाख 51 हजार रुपए इनाम और मुकदमे में मुफ्त कानूनी सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह “बागी बलिया का तेवर” है, और मंत्री को इसका एहसास कराया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि 29 नवंबर को बांसडीह में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में मंत्री संजय निषाद ने यह विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद से विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों में रोष है।
Updated on:
01 Dec 2025 08:51 pm
Published on:
01 Dec 2025 08:51 pm
