
तिरंगे में लिपटा आया पार्थिव शरीर (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: सीआरपीएफ के जवान देवनारायण दर्रो ने 15 दिन बाद जनवरी में छट्ठी के कार्यक्रम में घर आने की बात परिजनों से कही थी। लेकिन मध्यप्रदेश के लांजी में ड्यूटी के दौरान सोमवार को उनके सीने में तेज दर्द हुआ और उनकी मौत हो गई। मंगलवार को शाम 6 बजे उनका पार्थिव शररी तिरंग में लिपटकर गृहग्राम आया।
तिरंगे में लिपटे जवान बेटे का पार्थिव शरीर देखकर सभी की आंखें नम हो गई। मृतक की मां-पिता, परिजनों एवं पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर राजकीय सम्मान के अंतिम विदाई दी गई। मुक्तिधाम में रीतिरिवाज के अनुसार उनके तीन माह के बेटे ने मुखाग्नि दी।
जिस तीन माह के मासूम ने मुखाग्नि दी, उसी बेटे का नामकरण संस्कार जनवरी माह में था। परिजनों से वादा किया था कि वे जनवरी में घर आएंगे, लेकिन उनका पार्थिव शरीर ही घर लौटा।
जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो ग्रामीणों व स्कूली बच्चों ने भारत माता की जयकारे व देव नारायण अमर रहे के नारे लगाए। देश भक्ति गीतों व तिरंगा यात्रा के साथ मुक्तिधाम में अंतिम विदाई दी गई।
Updated on:
18 Dec 2025 09:40 am
Published on:
18 Dec 2025 09:40 am
