
एशिया की सबसे बड़ी दूध कंपनी की उत्पादन प्रक्रिया देख आप भी हो जाएंगे आश्चर्यचकित
बालोद @ patrika . भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के राष्ट्रीय सहकारी शिक्षा केंद्र नईदिल्ली में तीन दिवसीय डेयरी सहकारी नेतृत्व विकास प्रशिक्षण चल रहा है। इसके द्वितीय दिवस देश के विभिन्न प्रांतों से आए दुग्ध सहकारी समिति के सहकारी जनों को नईदिल्ली स्थित मदर डेयरी का भ्रमण कराया गया।
1974 में हुई डेयरी की स्थापना
बालोद जिले के 9 सहकारी जन के साथ सभी ने एशिया के सबसे बड़े तरल दूध कंपनी मदर डेयरी का भ्रमण कर दुग्ध उत्पादन, कलेक्शन से लेकर प्रसंस्करण, पेकिंग, मार्केटिंग की पूरी प्रक्रिया जानी। भ्रमण में सीनियर सुपरीटेंडेंट आरकेआर पिल्लई ने बताया इस डेयरी की स्थापना 1974 में हुई थी। तभी से यह प्राकृतिक, स्वास्थ्यकर और विशुद्ध शानदार दुग्ध उत्पाद का प्रसंस्करण कर लोगों को उपलब्ध कराती है। बताया गया कि यह एशिया में सबसे बड़ी तरल दूध कंपनियों में से एक है। इसका प्रचलन राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के ऑपरेशन फ्लड प्रोग्राम के अंतर्गत 1974 में शुरू किया गया था।
8 से 10 राज्यों तक भेजा जाता है दूध
जानकारी दी कि मदर डेयरी तरल दूध की अपनी जरूरतों की पूर्ति डेयरी सहकारी संस्थाओं और उत्पादक संस्थानों से करती है। दूध कलेक्शन के लिए 1-1 लीटर क्षमता के अनेक कंटेनर बनाए गए हैं। वर्तमान में दिल्ली में मदर डेयरी प्रतिदिन 35 लाख लीटर दूध बेचती है, जिसमें से लगभग 8 लाख लीटर दूध थोक दूध के रूप में विक्रेताओं को बेच दिया जाता है तथा 27 लाख लीटर दूध 7 विभिन्न प्रकार के पाली पैक में बेचा जाता है। दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अपने दूध का विपणन करती है। साथ ही उत्पाद की उच्च गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
Published on:
02 May 2019 08:10 am
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