
CG News: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में विकासखंड के ग्राम मटिया (पी) के रहने वाले बीएसएफ जवान हरीश कुमार मंडावी (36) का पार्थिव शरीर तिरंगे से लिपटकर गांव आया तो पूरा गांव रो पड़ा। जब तक सूरज चांद रहेगा, हरीश तेरा नाम रहेगा व भारत माता के जयकारों से आसमान गूंजता रहा। अंतिम दर्शन के लिए जैसे से ही जवान के पार्थिव शरीर को रखा गया तो परिजन व ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
बीएसएफ के जवानों व पुलिस अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने नम आंखों से राजकीय व शहीदी समान के साथ सलामी देकर अंतिम विदाई दी। मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। आसपास के ग्रामीण भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
अंतिम संस्कार से पूर्व बीएसएफ के जवानों ने नियमानुसार सलामी दी। पुलिस विभाग से उप पुलिस अधीक्षक अशोक जोशी, उप पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, एसडीओपी देवांश सिंह राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख, पवन साहू व जनपद सदस्य सतीश भेड़िया, जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया, पोंडी की सरपंच दिनेश्वरी साहू, बोड़की की सरपंच पदमनी साहू सहित बड़ी संया में ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि दी।
बाजे गाजे व भक्ति गीतों के साथ उनके पार्थिव शरीर को गांव भ्रमण कराया गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को गांव के मुक्तिधाम में ले गए। बीएसएफ जवान की 8 साल की बेटी पूर्वी ने मुखग्नि दी।
जवान हरीश मंडावी की मौत जम्मू कश्मीर स्थित बीएन मुख्यालय पैनथी सांबा में 27 अप्रैल की सुबह लगभग 5 बजे हो गई। हालांकि उनकी मौत हार्ट अटैक से होने की जानकारी मिल रही है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। जवान हरीश मंडावी को गार्ड क्वार्टर में गार्ड कमांडर ने बेहोशी के हालत में पाया। उन्हें नर्सिंग सहायक ने एंबुलेंस से यूनिट एमआई कक्ष ले गए, जहां उन्हें यूनिट सीएमओ (एसजी) ने मृत घोषित कर दिया।
जवान हरीश की मां अपने बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर बार बार यही कहती रही कि उठ जा बेटा, तेरे सिवा मेरा कौन है, मैं किससे बात करूंगी। मासूम बच्ची पूर्वी व उनकी मां का भी रो रोकर बुरा हाल था। पति की मौत की खबर से पत्नी बेसुध ही गई थी।
Updated on:
29 Apr 2025 01:04 pm
Published on:
29 Apr 2025 01:03 pm
बड़ी खबरें
View Allबालोद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
