
अधूरे स्वास्थ्य केंद्रों पर विधानसभा में हंगामा (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG Assembly: बालोद जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। 11 स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद चार जगह कार्य शुरू हो गया, लेकिन 7 स्थानों पर अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। राशि के अभाव में कुछ कार्य अधूरा है। अधूरे उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण का मामला भी विधानसभा में गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने उठाया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का जवाब आया कि निविदा की कार्यवाही चल रही है। निविदा पूर्ण होने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। दो- तीन वर्षों से अधूरे स्वास्थ्य केंद्र में झाडिय़ां उग आई है।
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने बताया गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र में ही 11 उपस्वास्थ्य केंद्र बनाना था। इसमें से मात्र 4 जगहों पर ही काम शुरू हुआ। बाकी 7 जगहों पर काम शुरू नहीं हुआ और टेंडर निरस्त हो गया। अब विधानसभा में मामला उठने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं बहुत जरूरी हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। रुके कार्यों को जल्द पूर्ण कराना चाहिए।
उप स्वास्थ्य केंद्र मनकी, पिनकापार, हड़गहन, गहिरा नवागांव, देवरी, पुराना बाजार दल्ली, मगरदाह, अचौद, चिचबोड़ में नया भवन बनना है। वहीं बिरेतरा उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण दो साल से अधूरा है। अब यहां झाडिय़ां उग आई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले के 4 उपस्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जो जर्जर हो चुके है। इसकी मरम्मत या नया भवन बनाना जरूरी है। इसमें उप स्वास्थ्य केंद्र बासीन, अरमरीकला, पापरा, खल्लारी के भवन को डिस्मेंटल करने स्वास्थ्य विभाग ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा है।
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि विगत दिनों विधानसभा में अधूरे स्वास्थ्य केंद्र का मुद्दा उठाया था। स्वास्थ्य मंत्री से सवाल भी पूछा, लेकिन संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। स्वास्थ्य केंद्रों के नवनिर्माण व मरम्मत जरूरी है। इस पर सरकार गंभीरता बरते।
Updated on:
14 Mar 2026 02:53 pm
Published on:
14 Mar 2026 02:53 pm
