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CG News: उम्र नहीं बनी बाधा… बालोद में 2919 बुजुर्गों ने पास की साक्षरता परीक्षा, अब लिख लेते हैं अपना नाम

Balod News: कहते हैं पढ़ाई व शिक्षा ग्रहण करने की कोई उम्र नहीं होती है। आपमें लगन व जूनून है तो किसी भी उम्र में पढ़ाई कर सकते हैं। ऐसा ही जुनून वृद्ध महिलाओं व पुरुषों में रविवार को देखने को मिला।
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बालोद

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Khyati Parihar

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Updated: 23 Mar 2026, 1:03 PM IST

उम्र के अंतिम पड़ाव में पढ़ना-लिखना सीखा (फोटो सोर्स- पत्रिका)

उम्र के अंतिम पड़ाव में पढ़ना-लिखना सीखा (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: कहते हैं पढ़ाई व शिक्षा ग्रहण करने की कोई उम्र नहीं होती है। आपमें लगन व जूनून है तो किसी भी उम्र में पढ़ाई कर सकते हैं। ऐसा ही जुनून वृद्ध महिलाओं व पुरुषों में रविवार को देखने को मिला। जिले के हजारों बुजुर्गों ने उम्र के अंतिम पड़ाव में भी परीक्षा दी और साक्षर हुए।

शासन उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत दो साल पहले जिन निरक्षर लोगों ने परीक्षा दी थी, उनकी फिर से परीक्षा ली गई। परीक्षा की तैयारी के लिए समय दिया गया। रविवार को जिलेभर में 2919 बुजुर्गों ने परीक्षा दिलाई। वे काफी खुश दिखाई दिए। परीक्षा के बहाने कभी लिखने नहीं आ रहे थे। अब लिखना व पढऩा भी सीख गए।

परीक्षा देने वालों में महिलाएं अधिक

कुल 2919 बुजुर्गों ने परीक्षा दी। सबसे ज्यादा 2349 निरक्षर महिलाओं व 577 पुरुष शामिल हुए। शिक्षा विभाग परियोजना कार्यालय के अनुसार जिसने परीक्षा दी है, उन्हें इस बार अंकसूची दी जाएगी।

सास-बहू, देवरानी-जेठानी और पति व पत्नी ने भी दी परीक्षा

रविवार को हुई महापरीक्षा में कई रोचक किस्से देखने को मिले। सास - बहू, देवरानी-जेठानी ने भी परीक्षा दिलाई। कहीं पर पति-पत्नी ने परीक्षा दी। गुंडरदेही ब्लॉक के पाउवारा में तो पति अरुण व पत्नी दिनेश्वरी ने परीक्षा दिलाई।

जिले में 6 हजार से अधिक निरक्षर

जिले में 6 हजार से अधिक निरक्षर हैं, जिन्हें अक्षर ज्ञान नहीं है। न ही लिखने व पढऩे आता है। ऐसे लोगों का जिले में सर्वे कर शासन के आदेशानुसार यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा से पहले इन्हे पढ़ाई कराई गई। उन्हें रिवीजन कराकर परीक्षा में बैठाया गया।

बहुत कुछ पढऩा-लिखना सीख गए

गुंडरदेही विकासखंड के पाउवारा के पति-पत्नी अरुण व दिनेश्वरी बाई ने कहा कि वे पढ़े-लिखे नहीं थे। अभियान के तहत बहुत कुछ पढऩे लिखने आ गया है। अपना नाम भी लिख लेते हैं। यह अच्छी पहल है।

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