CG News: बीजापुर जिले में नेशनल पार्क के जंगल में डीआरजी, एसटीएफ और बस्तर फाइटर की संयुक्त टीम और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए। इस मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए हैं। बता दें कि आज दोपहर 2 बजे के करीब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। शहीद के रिश्तेदार और आस-पास के सैकड़ों लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे हैं। 3 साल की मासूम बेटी अपने पिता को मुखाग्नि देगी।
मुठभेड़ में DRG हेड कांस्टेबल नरेश कुमार ध्रुव (बालोदाबाजार) और STF कांस्टेबल वासित रावटे (बालोद) शहीद हो गए। दोनों शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को बीजापुर जिला अस्पताल लाया गया है। जिसके बाद शहीद जवान का पार्थिव शरीर बालोद पहुंचा। गांव में जवान के शहीद होने की खबर मिली तो परिजन सहित क्षेत्र में मातम पसर गया।
डीआरजी जवान नरेश ध्रुव और 33 साल के वासित रावटे ग्राम पंचायत सिंघनवाही के गांव फागुनदाह के रहने वाले थे। किसान परिवार का बेटा बीते 12 साल से बीजापुर जिले में कांस्टेबल के पद पर पोस्टेड था। वहीं बलिदानी जवान के बड़े भाई प्रीतम कुमार रावटे ने बताया कि वे चार भाई-बहन हैं। वासित सबसे छोटा था, दूसरे और तीसरे नंबर की दो बहनें हैं। मां देवकी बाई खेती-किसानी करती हैं। वासित की शादी को करीब 5 साल हो गए हैं। पत्नी खिलेश्वरी गृहणी हैं। वासित की दो बेटियां, एक तीन और एक डेढ़ साल की हैं।