
बालोद. जिले में फिर एक किसान ने कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान होकर कीटनाशक सेवन कर आत्महत्या करने का प्रयास किया, पर समय पर घटना की जानकारी हो जाने और चिकित्सा मिल जाने से किसान की जान बच गई। सूचना पर शासन-प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और चिकित्सकों को किसान पर लगातार निगरानी रखने की हिदायत दी। जानकारी के मुताबिक किसान धान की फसल की बर्बादी और ढाई लाख रुपए के कर्ज से परेशान है। अब कर्ज नहीं पटा पाने की चिंता में आत्महत्या की ठानी थी।
यह मामला जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर ग्राम लाटाबोड़ का है, जहां सुबह 7.30 बजे किसान बाल सिंह पिता बिसाहू राम साहू उम्र 54 साल जो कर्ज से परेशान होकर अपने घर में जहर सेवन कर लिया। घटना की जानकारी के बाद परिजनों ने संजीवनी 108 से जिला अस्पताल लाया जहां उनका इलाज जारी है।
जिले में लगभग 10 किसानों ने आत्महत्या कर लिए, पर प्रशासन ने कभी नहीं माना कि किसान कर्ज व माहो से फसल बर्बादी के कारण आत्महत्या किया है। इस मामले में अब प्रशासन भी मान रहा है कि किसान ने कर्ज के कारण ही परेशान होकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। बुधवार को नायाब तहसीलदार व पुलिस ने किसान से बयान लिए। थाना प्रभारी आरके किंकर ने बताय किसान कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किया।
2 माह पहले बैंक से आया था कर्ज पटाने के लिए फोन
किसान बाल सिंह ने बताया 2 माह पहले ग्रामीण बैंक लाटाबोड़ से फोन आया था कि लिए गए कर्ज को पटाओ, उसके बाद से परेशान रहने लगा था। आखिर कहां से कर्ज पटाउं इसलिए यह कदम उठाया। उन्होंने बताया उनके पास 60 डिसमिल जमीन खेत है, पर उसमें भी फसल ठीक से नहीं हुई है। कर्ज ज्यादा और घर में पैसे की कम आवक से कर्ज पटाना संभव नहीं है। इसलिए कीटनाशक दवाई का सेवन कर लिया। किसान ने बताया उसने पहले से ही आत्महत्या करने का मन बना लिया था।
किसान ने पत्रिका को बताया उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। उन्होंने बेटियों और बेटे की शादी के लिए कुल ढाई लाख रुपए का कर्ज लिया था, जिसमें ग्रामीण बैंक लाटाबोड़ से शादी के लिए सुविधा क्रेडिट कार्ड से 25 हजार, किसान क्रेडिट कार्ड से 35 हजार व साहूकार व अन्य लोगों से करीब 2 लाख रुपए का कर्ज लिया है। कुल ढाई लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज है। उन्होंने 2007, 2011 व 2015 में अपनी बेटियों की शादी की थी। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक भैया राम सिन्हा भी जिला अस्पताल पहुंचकर किसान से मिले।
बता दें कि किसान ने पूरा मन बना लिया था कि वह आत्महत्या करेगा जिसके लिए वह पहले से ही कीटनाशक रखे हुए था और जैसे ही उसकी पत्नी अपने कमरे से सुबह बाहर गई तो किसान ने कीटनाशक निकालकर पी लिया। उसे छुपाने वह अपने कमरे में रखे बिस्किट और सेब को खाकर छुपाने का प्रयास किया। लगभग 5 मिनट तक उल्टी को रोकना चाहा, पर अचानक उल्टी होने लगी जिससे कीटनाशक की बदबू आने पर परिजनों को पता चला, तो तत्काल उसे नमक
पानी से उल्टी कराई गई और संजीवनी 108 से जिला अस्पताल लाया गया।
विधायक संजारी बालोद भैया राम सिन्हा ने बताया कि हमने किसान की स्थिति की जानकारी ली। उसकी फसल बर्बाद हो गई और ग्रामीण बैंक व साहूकारों से लगभग ढाई लाख रुपए का कर्ज भी है। इस कारण आत्महत्या करना चाहा। शासन-प्रशासन से किसान को उचित मुआवजा दिया जाए। एसडीएम बालोद हरेश मंडावी ने बताया कि नायब तहसीलदार ने किसान से बयान लिया है, जिसमें किसान ने कर्ज से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात कही है। गुरुवार को तहसीलदार की टीम जांच करने किसान के घर जाएगी फिर घटना की सही जानकारी और मिल पाएगी।
Published on:
14 Dec 2017 11:48 am
बड़ी खबरें
View Allबालोद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
