
CG News: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सुरेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पापरा की रहने वाली युवती घर वालों को चकमा देकर बुधवार को सुबह से फरार हो गई थी। वह अपने नाना नानी के साथ पापरा में रहती है। उन्हें युवती ने घर में ही कैद कर दरवाजे पर ताला लगा दिया। युवती की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं लग रही थी। रात को भटकते भटकते पैदल वह ग्राम जगन्नाथपुर पहुंची तो एक मोहल्ले में कबड्डी प्रतियोगिता हो रही थी।
वहीँ जब लोगों ने पूछा तो कहने लगी कि मैं पापरा से हूं। नाना नानी के साथ रहती हूं। लेकिन मुझे घर नहीं जाना है। मैं वापस नहीं जाऊंगी। मैं कहीं भी चली जाऊंगी। ग्रामीण उसे समझाने का प्रयास करते रहे। वह घर जाने को तैयार नहीं हो रही थी।
मामले की खबर मिलने पर दीपक यादव ने सूचना बालोद थाना प्रभारी रविशंकर पांडे को दी। उन्होंने कहा कि युवती सुरेगांव गांव थाना क्षेत्र की है। इसलिए सुरेगांव थाना में खबर कर ग्रामीणों के जरिए उसे सुरक्षित घर पहुंचा दीजिए। इसके बाद सुरेगांव थाना प्रभारी को फोन किया गया। उन्होंने भी पूरी जानकारी दी।
सुरेगांव थाना प्रभारी ने भी कहा कि उनके घर वालों को खबर करिए और उसे महिलाओं की मदद से गाड़ी में बैठाकर घर तक छोड़ दीजिए। रात करीब 12.30 बजे पापरा की महिला कमांडो देवकी गोस्वामी से बात की गई। उन्होंने घर का पता बताया। जनपद सदस्य दमयंती सुभाष हरदेल के पति समाजसेवी सुभाष हरदेल युवती के पास पहुंचे। घर चलने की समझाइश दी।
महिलाओं ने युवती को पकड़कर कार में बैठाया। तब पापरा में घर पहुंचाया गया। घर पहुंचने पर युवती आक्रोशित हो गई। अपने घर वालों को मारने की धमकी देने लगी। सुभाष हरदेल ने युवती को थाने भिजवाने की चेतावनी दी तब वह शांत हुई। इधर बहन के जगन्नाथपुर में होने की जानकारी मिलने पर एक भाई भी ढूंढते हुए जगन्नाथपुर तक पहुंचा था। इस नेक काम में समाजसेवी सुभाष हरदेल, सरपंच देव कुंवर कोसिमा के पति दौलत कुमार, दीपक यादव, गांव की अन्य महिलाओं आदि का योगदान रहा।
Updated on:
25 Apr 2025 01:20 pm
Published on:
25 Apr 2025 01:17 pm
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