3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

करकाभाट का सरकारी शक्कर कारखाना किसी काम का नहीं, पढ़ें खबर

जिले के करकाभाट में स्थिति दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाने में फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कारखाना घाटे से नहीं उपर पाया है।

2 min read
Google source verification
Danteshwari Co-operative Sugar Factory, Sugar factory, Government Sugar factory, Sugar factory of Karakbhut, Balod news

बालोद. जिले के करकाभाट में स्थिति एक मात्र दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाने में फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जब से कारखाना संचालित हो रहा है तब से घाटे से नहीं उपर पाया है। प्रबंधन इससे उबरने के लिए लगातार प्रयास की बात कहता रहा है, पर हर साल कारखाने की मशीनों को दुरस्त रखने के लिए लाखों खर्च किए जाते हैं, पर भी मशीन धोखा देती रहती है।

नए सत्र से अब तक कारखाने की मशीन ने दो बार धोखा दे दिया
इस बार भी यही स्थिति बनी है। नए सत्र से अब तक कारखाने की मशीन ने दो बार धोखा दे दिया है, जिससे गन्ने की पेराई लगातार प्रभावित हो रही है। बीते पांच दिनों से गन्ने की पेराई में बाधा पहुंच रही है। इसका बड़ा कारण लेबरिंग मशीन खराब हो जाना है। इससे शक्कर का उत्पादन प्रभावित हो रहा है, तो गन्ने से भरी किसानों की सौकड़ों गाडिय़ां कारखाने के परिसर में गन्ना खाली करने के लिए कतार में खड़ी हैं।
रायपुर से किराए में लाई गई है मशीन
इधर कारखाना प्रबंधक इस परेशानी को देखते हुए रायपुर से किराए पर लेबरिंग मशीन मंगाए हैं तब जाकर सहीं गति से शक्कर कारखाना चलने का दावा किया जा रहा है, पर अभी भी किसानों को राहत नहीं मिल पाई है, क्योंकि शक्कर कारखाने में पांच दिनों से किसानों के वाहन कतार में खड़े हुए हैं।

ये है शक्कर कारखाने की स्थिति
एक जनवरी से शक्कर कारखाने में पेराई शुरू हुई है। कुछ दिन मशीन चलने के बाद मशीन में खराबी आनी शुरू हो गई थी, इस वजह से शक्कर कारखाने में कम मात्रा में पेराई चल रही है। बुधवार रात को रायपुर से लेबरिंग मशीन और पुणे से पैनल मशीन लाने के बाद गुरुवार से तेजी से गन्ने की पेराई शुरू कर दिए जाने का दावा किया जा रहा है।

गन्ने से भरी 250गाडिय़ां लगी है लाइन में
इधर पेराई की गति काफी धीमी होने से कारण लगभग 250 वाहन टैक्टर, ट्रक गन्ने से भरे कतार में पांच-छ: दिनों से लगे हुए है।कारखाने की क्षमता प्रतिदिन 1250 मीट्रिक टन पेराई का है, पर मशीन खराबी की वजह से बीते कुछ दिनों से 600 से 700 मीट्रिक टन पेराई ही हो पा रही थी, जो गुरुवार से फिर बढ़ा दी गई है क्योंकि मशीन बन गई है।

किसानों को प्रतिदिन हो रहा ४ क्विंटल का नुकसान
मशीन की खराबी की वजह से गन्ना लेकर आए किसानों को प्रति ट्रैक्टर 3 से 4 क्विंटल गन्ने का नुकसान हो रहा है, क्योंकि गन्ना धूप में सूखने लगा है। इस साल 70 हजार मीट्रिक टन शक्कर उत्पादन करने का लक्षय है। अब तक 9 हजार 5 सौ 24 मीट्रिक टन शक्कर का उत्पादन कर चुके हैं। 24 घंटे में रोज 150 वाहनों में भरे गन्ने की पेराई करते हैं, पर रोज गन्ने से भरे करीब 100 वाहन आ रहे हैं।

क्या है लेबरिंग मशीन
लेबरिंग मशीन गन्ने को चैनल पट्टे के माध्यम से पेराई मशीन तक ले जाने का काम करती है। इनके बेगैर पेराई मशीन में गन्ना नहीं जा सकता। 2009 में जब शक्कर कारखाने में गन्ने की पेराई शुरू हुई तब से वही लेबरिंग मशीन लगी हुई है। इस सत्र जब पेराई शुरू की गई तो अचानक यह मशीन खराब हो गई। इधर यह भी जानकारी मिल रही है कि पैनल की खराबी के बाद पैनल को सड़क मार्ग से पुणे से मंगाया गया, पर जिस वाहन से पैनल लाया जा रहा था वही रास्ते में खराब हो गया इस कारण पैनल लाने में देरी हुई है।