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खुले में शौचमुक्त घोषित गांवों का एक साल में टूट गया संकल्प, त्रुटिपूर्ण व अधूरे शौचालय निर्माण से बनी स्थिति

जनपद पंचायत के खुले में शौचमुक्त घोषित होने के एक साल के अंदर ही जनपद क्षेत्र के ग्रामों में संकल्प टूट गया है। खुले में शौच जाने लोग मजबूर हो गए हैं। त्रुटिपूर्ण व अधूरे शौचालय निर्माण के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है।

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खुले में शौचमुक्त घोषित गांवों का एक साल में टूट गया संकल्प, त्रुटिपूर्ण व अधूरे शौचालय निर्माण से बनी स्थिति

बालोद/गुरुर. जनपद पंचायत के खुले में शौचमुक्त घोषित होने के एक साल के अंदर ही जनपद क्षेत्र के ग्रामों में संकल्प टूट गया है। खुले में शौच जाने लोग मजबूर हो गए हैं। त्रुटिपूर्ण व अधूरे शौचालय निर्माण के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है।
जनपद पंचायत गुरुर को एक साल पूर्व खुले में शौचमुक्त घोषित कर सम्मानित किया गया था, लेकिन जनपद प्रशासन एवं उससे जुड़े पंचायत प्रशासन इस सम्मान को नहीं बचा पाया। आज ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। सुबह और शाम के निरीक्षण के दौरान स्पष्ट हुआ कि ग्राम पंचायम मोखा, पंचायत ठेकवाडीह, पंचायत तार्री, ग्राम पंचायत सोंहपुर, पंचायत अर्जुनी, पंचायत कपरमेटा, पंचायत पोंड सहित कई अन्य ग्रामों में ग्रामीणों को खुले में शौच जाते देखा गया है।

नहीं की गई पानी की व्यवस्था
जनपद क्षेत्र में ग्रामों में शौचालयों का निर्माण जरुर करा दिया गया है लेकिन अधिकांश पंचायतों में शौचालयों के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं है। कई पंचायतों में त्रुटिपूर्ण शौचालय निर्माण करा दिया गया है जिससे उपयोग के पहले ही वे अनुपयोगी हो गए हैं। वहीं कई पंचायतों में अधूरे शौचालय को पूरा बताकर खुले में शौच मुक्त की झूठी जानकारी भेजी गई जिसे बाद में पूरा कराने कोई प्रयास नहीं किया गया, जिससे यह स्थिति निर्मित हुई है।

शौचालय तो बन गया मगर नहीं मिली राशि
ग्राम पंचायत बोरतरा की देवकी बाई सिन्हा को शौचालाय का अब तक भुगतान नहीं हुआ है। स्वयं के खर्च से शौचालय बनाई है लेकिन पैसा नहीं मिलने के कारण नाराजगी में शौचालय का उपयोग नहीं करतीं, खुले में जाती हैं।

प्लास्टिक की झिल्लियों का सहारा
ग्राम पंचायत बोरतरा की ही ममता पटेल को पैसा नहीं मिला है जिससे प्लास्टिक झिल्लियों के सहारे दरवाजा और छत बनाकर काम चला रहीं है। तेज हवा आने पर यह दरवाजा फिर टूट जाता है।

शौचालय अधूरा छोड़ कर भाग गया ठेकेदार
ग्राम पंचायत बोरतरा की ही चंदर बाई चंदेल का शौचालय अधूरा है जिससे खुले में शौच जाना मजबूरी है। संबंधित ठेकेदार ने काम छोड़ कर भाग गया।

आवास बनाया मगर शौचालय नहीं
चेकूराम चंदेल ने प्रधानमंत्री आवास बनाया गया है लेकिन उसमें शौचालय नहीं बनाया गया, जिससे वह किराए के मकान में रहता है एवं खुले में शौच जाता है।

बागतराई में आंगनबाड़ी केंद्र क्र- 4 की स्थिति
ग्राम पंचायत बागतराई में आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 4 में निर्मित शौचालय की टंकी खुली एवं असुरक्षित है। टंकी नहीं बनने के कारण बच्चों को खुले में शौच जाना पड़ता है।

एक किलोमीटर दूर बना दिया शौचालय
ग्राम पंचायत बोडऱा में इस्माइल के घर में शौचालय न बनाकर एक किमी दूर शौचालय बनाया गया है जिससे मजबूरन परिवार को खुले में शौच जाना पड़ रहा है।