
Ground Water Level बालोद शहर सहित जिले में भू-जल स्तर हर साल नीचे गिर रहा है। भू जल स्तर बढ़ाने नए मकान निर्माण करने वालों को रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन मकान मालिक नगर पालिका के आदेशों को दरकिनार कर रहे हैं। नगर पालिका की सुस्ती का भी नतीजा है कि लोग रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
नगर पालिका के मुताबिक 2011-12 में शासन ने नए मकानों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया है। एक आंकड़े के मुताबिक 2011 से अब तक कुल 665 भवन अनुज्ञाओं में सिर्फ 448 लोगों ने ही रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया है। 221 लोगों ने भूमि के जलस्तर बढ़ाने योगदान को नकार दिया। इसमें से कई ऐसे भी हैं, जिनका मकान अभी पूरी तरह से बना नहीं है।
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नगर पालिका के मुताबिक 2011 से 2024 तक 665लोगों ने भवन निर्माण अनुमति लेते समय रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लिए 15 हजार रुपए तक की एफडी करवा कर निगम में बतौर गारंटी जमा की। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के बाद 448 लोगों ने ही जमा राशि वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की है। जिन लोगों ने अब तक हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बनाया, अब उन पर सख्ती की तैयारी है।
बालोद नगर अंतर्गत जिन 221 लोगों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बनाए है। उनसे पहले ही पालिका ने 33 लाख 15 हजार रुपए का एफडीआर जमा करवाया है। हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बनाने पर राशि राजसात हो जाएगी। पालिका ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी कर सकती है।
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पालिका के मुताबिक 1500 वर्गफीट से अधिक भूखंड पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग लगाना अनिवार्य है। 1500 वर्गफीट से 2152 वर्गफीट तक सात हजार रुपए, 2153 वर्गफीट से 3228 वर्गफीट तक 10 हजार रुपए, 3229 से 4304 तक 12 हजार रुपए और 4305 वर्गफीट से अधिक भूखंड पर 15 हजार रुपए की एफडी पालिका में भवन अनुज्ञा लेते समय जमा की जाती है। यह एफडी निगम के किसी भी खाते में जमा नहीं होती। इसे हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के बाद प्रक्रिया पूरी कर भवन निर्माता को वापस कर दिया जाता है। वर्तमान में करीब 33 लाख 15 हजार रुपए एफडी के रूप में राशि रेनवाटर हार्वेस्टिंग की गांरटी के रूप में जमा है।
जिले में भू जल स्तर चिंतादायक है। इस साल भू जल स्तर लगभग 3 मीटर और नीचे जा चुका है। शहर में भी भू जल स्तर नीचे गया है ऐसे में शहर के हर एक व्यक्ति को भू जल स्तर बढ़ाने आगे आना होगा।
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नगर पालिका बालोद सीएमओ सौरभ शर्मा ने कहा कि नए भवनों में शासन की गाइडलाइन के तहत रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इसके लिए पालिका नए मकान निर्माण करने वालों से एफडीआर जमा करवाती है। मकान निर्माण व रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के बाद जमा राशि वापस कर दी जाती है। भू जल स्तर बढ़ाने हम सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है।
Published on:
10 Jun 2024 11:36 pm
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