
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- ANI)
CG Rape Case: विशेष न्यायाधीश (एफटीसी) ताजुद्दीन आसिफ ने मंदबुद्धि युवती से दुष्कर्म के गंभीर मामले में 32 वर्षीय आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अतिरिक्त लोक अभियोजक सनद कुमार श्रीवास्तव ने अदालत में प्रभावी पैरवी प्रस्तुत की, जिसके आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपी को दोष सिद्ध करने में सफल रहा।
यह घटना 22 जुलाई 2024 की है। जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय मंदबुद्धि पीड़िता रोजाना की तरह कचरा फेंकने गई थी। इसी दौरान आरोपी उसके पीछे-पीछे खलिहान की ओर पहुंचा और जबरन अनाचार किया। घटना के बाद पीड़िता ने यह बात अपनी बहन को बताई, लेकिन उस समय परिवार को किसी तरह की आशंका नहीं हुई।
करीब छह महीने बाद जब पीड़िता को पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल बालोद लेकर गए। जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता सात माह की गर्भवती है। इसके बाद जब परिवार ने उससे पूछताछ की, तो पीड़िता ने आरोपी का नाम बताते हुए यह भी खुलासा किया कि 13 जनवरी 2025 को आरोपी उसके घर आया था और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।
इसके बाद 28 जनवरी 2025 को पीड़िता की बहन ने जिले के थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए कठोर सजा सुनाई।
Updated on:
19 Nov 2025 01:36 pm
Published on:
19 Nov 2025 01:36 pm
