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सरकार की वादाखिलाफी, दफ्तरों में लटकते रहे ताले

जिले के 37 विभाग के करीब 4000 संविदा व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी आज हड़ताल पर चले गए है। तेज बारिश के बाद भी लगभग 400 कर्मचारियों ने छाता लेकर नए बस स्टैंड पर धरना दिया।

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Contract workers strike

सरकार की वादाखिलाफी, दफ्तरों में लटकते रहे ताले

बालोद. जिले के 37 विभाग के करीब 4000 संविदा व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी आज हड़ताल पर चले गए है। तेज बारिश के बाद भी लगभग 400 कर्मचारियों ने छाता लेकर नए बस स्टैंड पर धरना दिया। छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलन शुरू हुआ है।

संघ के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार साहू ने बताया कि इससे पहले भी शासन से मांग की गई थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग बंद कराना, शासकीय, अर्धशासकीय विभागों में संविदा प्लेसमेंट, वेतन भोगी, क्लक्टर दर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमिति करने की मांग शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग सबसे ज्यादा प्रभावित
इस हड़ताल से सबसे ज्यादा स्वास्थ्य विभाग में परेशानी हो रही है क्योंकि यहां स्मार्ट कार्ड, जननी सुरक्षा सहित विभिन्न कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अन्य विभागों में कामकाज ठप होने से लोग बैरंग लौट रहे हैं।

आंदोलन के कारण सरकारी कामकाज भी ठप
जिले के दैनिक वेतन भोगी, संविदा सहित अर्धशासकीय अफसरों और कर्मचारियों द्वारा आज से इस हड़ताल को शुरू करने से जिले के अधिकांश दफ्तरों में ताले लगाने की स्थिति बन गई है। वहीं इस आंदोलन के कारण सरकारी कामकाज भी ठप रहा। कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की धमकी देते हुए कहा कि सरकार ने पूर्व में भी आश्वासन दिया था, जो आज तक पूरी नहीं हुई है। इसलिए उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा। आंदोलन में जिले के 37 विभाग में कार्यरत कर्मचारी शामिल है। लेकिन इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य, पंचायत व ग्रामीण विकास में पड़ा है, जहां पर इनकी संख्या सबसे ज्यादा है।

चतुर्थ वर्ग कर्मचारी भी हड़ताल पर
इधर जिले के छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ ने भी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर नया बस स्टैंड पर धरना शुरू कर दिया है। उनकी वप्रमुख मांगों में नियमितीकरण, कार्यभारित कर्मचारियों को अवकाश नगदीकरण, कर्मचारियों के ग्रेड वेतन में बढ़ोत्तरी व कर्मचारियों की सेवा अवधि में बढ़ोत्तरी की मांग शामिल है।