
Darkness बालोद जिला मुख्यालय में नेशनल हाइवे का हाल बेहाल है। दिन में सफर ठीक है, लेकिन रात में सफर सावधानीपूर्वक करना होगा। नगर पालिका की कमजोर स्ट्रीट लाइट के भरोसे ही नेशनल हाइवे में प्रकाश व्यवस्था की गई है। पालिका की स्ट्रीट लाइट काफी नहीं है। देखा जाए तो गंजपारा से जिला जेल तक पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है।
सबसे ज्यादा खतरा खरखरा केनाल के पास है। यहां हमेशा चारों ओर से वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन नेशनल हाइवे व विद्युत विभाग के बीच आपसी समांजस्य नहीं होने के कारण स्ट्रीट लाइट ही नहीं लगाई गई है। यहां काफी अंधेरा रहता है। नेशनल हाइवे व बिजली विभाग की अनदेखी से कभी भी बढ़ी दुर्घटना घट सकती है। नेशनल हाइवे में स्ट्रीट लाइट एवं डिवाइडर लगाने की योजना है। योजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई।
यह भी पढ़ें :
नेशनल हाइवे की अधिक होने से वाहन चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं। वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करने के कारण दुर्घटना का शिकार भी हो रहे हैं। कुछ माह की बात करें तो इस मार्ग में 20 से अधिक दुर्घटना हो चुकी है। कुछ वाहन चालक की मौत भी हो चुकी है। इस नेशनल हाइवे में डिवाइडर बना देते तो राहत मिलती। शहरवासी भी नेशनल हाइवे में डिवाइडर व स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग कलेक्टर से भी कर चुके हंै।
जिला मुख्यालय के गंजपारा तांदुला पुल से लेकर जिला जेल तक लगभग तीन किमी मार्ग के बीचो बीच डिवाइडर व उसमें स्ट्रीट लाइट लगाने से वाहन चालक अपने-अपने साइड में चलेंगे। डिवाइडर के साथ स्ट्रीट लाइट लगाने से रात में नेशनल हाइवे में उजाला रहेगा। वाहन चालकों को वाहन चलाते समय परेशानियों का सामान नहीं करना पड़ेगा। इससे दुर्घटना में काफी हद तक कमी आ सकती है।
यह भी पढ़ें :
यह मार्ग छत्तीसगढ़ को महाराष्ट्र से जोड़ता है। मार्ग में आम जानता के साथ कलेक्टर, एसपी व अन्य नेताओं के साथ जनप्रतिनिधियों, सांसद का भी आना जाना रहता है। शहर के इस समस्या को दूर करने में विफल रहे हैं। हालांकि नेशनल हाइवे विभाग ने शासन व उच्च अधिकारी को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
यह भी पढ़ें :
नेशनल हाइवे एसडीओ टीकम ठाकुर ने कहा कि स्ट्रीट लाइट लगाने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। शासन से स्वीकृति के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
संबंधित विषय:
Published on:
15 Nov 2024 11:37 pm
बड़ी खबरें
View Allबालोद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
