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मकान का गंदा पानी अपनी नाली में नहीं बहने देगा नेशनल हाइवे, सिर्फ बहेगा बारिश का पानी

नेशनल हाइवे के चौड़ीकरण के साथ मकान से गंदा पानी निकासी को लेकर विवाद शुरू हो गया। नेशनल हाइवे ने अपनी नाली में सड़क किनारे बने मकान का गंदा डालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हम नियम के तहत कार्य कर रहे हैं। वहीं नगर पालिका का कहना है कि हमें जगह दें तो दूसरी नाली बना देंगे।

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पानी निकासी को लेकर विवाद: नेशनल हाइवे के बाद जगह नहीं, पालिका नहीं बना पाएगा नाली

सबसे बड़ा सवाल: घर के पानी की कहां होगी निकासी

बालोद. नेशनल हाइवे के चौड़ीकरण के साथ मकान से गंदा पानी निकासी को लेकर विवाद शुरू हो गया। नेशनल हाइवे ने अपनी नाली में सड़क किनारे बने मकान का गंदा डालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हम नियम के तहत कार्य कर रहे हैं। वहीं नगर पालिका का कहना है कि हमें जगह दें तो दूसरी नाली बना देंगे। वर्तमान में घरों से निकलने वाले पानी की निकासी की समस्या खड़ी हो गई है। शहर में नेशनल हाइवे निर्माण के लिए कुल 80 फीट की जमीन ली जा रही है, जिसमें नाली निर्माण, सर्विस रोड व मुख्य मार्ग शामिल हैं।

विभाग से चर्चा करेंगे
कलेक्टर नेशनल हाइवे, राजस्व, विद्युत विभाग व नगर पालिका से पूरी योजना की जानकारी लेकर समस्याओं को दूर करने का प्रयास करें। वहीं चेम्बर ऑफ कॉमर्स व व्यापारियों ने कहा कि समय पर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आगे आकर विभाग से बारीकी से चर्चा करेंगे।

सड़क नीचे दबी पाइप लाइन कब हटेगी, तय नहीं
जिला जेल से लेकर गंजपारा तक शहर में पानी सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन जमीन के अंदर दबी है। उसे हटाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में बड़ी समस्या सामने आएगी। हालांकि विभाग ने इस पर पाइपलाइन हटाने पीएचई के साथ मिलकर हटाने की बात कही है। कब हटाएंगे, यह तय नहीं है।

हमारी नाली में सिर्फ बारिश का पानी बहेगा
नेशनल हाइवे विभाग के एसडीओ टीकम ठाकुर ने बताया कि नेशनल हाइवे जो नाली बनाएगा, उसमें घरों से निकलने वाला पानी नहीं आएगा। इसमें सिर्फ बारिश या अन्य कारण से आए पानी को निकाला जाएगा। वर्तमान जो नाप हुआ है, उसमें 80 फीट का मकान आ रहा है।

पालिका अध्यक्ष ने कलेक्टर से की समाधान की मांग
नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा कि नेशनल हाइवे निर्माण से नगरवासियों में कई आशकाएं भी हैं। हाइवे के दोनों ओर जगह नहीं बचेगी तो घरों के पानी की निकासी गड़बड़ा जाएगी। साथ ही विद्युत पोल कहां शिफ्ट होंगे। पेयजल पाइप लाइन की शिफ्टिंग कहां होगी। हाइवे के दोनों ओर रोड से 2 से 3 फीट ऊंचे नाले का निर्माण होने के बाद सटे हुए अन्य मार्ग नीचे हो जाएंगे। इसके लिए क्या योजना है। इन सभी शंकाओं का समाधान किया जाए। इससे प्रतिदिन के विवाद की स्थिति से बचा जा सकेगा।

परेशानियों का निकालें समाधान
चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजू पटेल, मोहन भाई पटेल, समीर गुप्ता, संतोष पहाड़ी, मनोज चंडक सहित अन्य व्यापारियों ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए जगह का चिंहाकन किया गया है। उससे कुछ समझ नहीं आ रहा। कहां नाली बनेगी, कहां बिजली पोल शिफ्ट होगा। सभी एक साथ बैठकर परेशानियों का समाधान निकालें।

एसडीएम ने ली अधिकारियों की बैठक
एसडीएम शीतल बंसल ने कहा कि सोमवार को नगर पालिका सीएमओ, तहसीलदार, विद्युत विभाग के अधिकारी की बैठक ली। रास्ता निकाल जाएगा। हमारा मकसद है सब ठीक हो व बिना विवाद के नेशनल हाइवे का निर्माण हो।

नाली में हम घरों से निकलने वाले पानी को नहीं आने देंगे
नेशनल हाइवे एसडीओ टीकम ठाकुर ने कहा कि नेशनल हाइवे निर्माण के अंतर्गत 80 फीट जगह ले रहे है। विभाग नाली निर्माण कराएगा। इस नाली में हम घरों से निकलने वाले पानी को नहीं आने देंगे। पानी निकासी के लिए अलग से नाली का निर्माण पालिका करवा सकता है। रही बात पाइपलाइन शिफ्टिंग की तो उसे पीएचई के साथ मिलकर कराया जाएगा।

जगह उपलब्ध होने पर कराएंगे नाली का निर्माण
नगर पालिका सीएमओ रोहित साहू ने कहा कि नेशनल हाइवे ने नाली निर्माण के लिए जमीन का चिन्हांकन किया है। इसके बाद जमीन नहीं है। जगह उपलब्ध होने पर हम नाली का निर्माण कराएंगे।