
उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ आस्था का पर्व, संतान और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना...(photo-patrika)
Chhath Puja 2025: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सोमवार की शाम छठ व्रतधारियों ने सूर्य देवता को शाम का अर्घ्य दिया। डूबते सूरज को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने परिवार की सुख समृद्धि मांगी। किसी ने संतान की कामना की तो किसी ने मांग का सिंदूर मांगा। लोकगीतों के साथ कभी वे खुशी से झूमने लगी तो कई लोकगीत उन्हें भावुक भी कर गए।
महापर्व छठ आस्था व भक्तिभाव से बूढ़ातालाब में मनाया गया। व्रती महिलाएं व उनके परिजन छठ पर्व में छठी मईया के भक्ति में लीन रहे। दुनियाभर में भोजपुरी समुदाय, जहां भी है, सैकड़ों की संया में लोग सरोवर के किनारे एकत्रित होकर सूर्य देवता के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं। दीपदान करते हैं।
सूर्य देवता अक्षय ऊर्जा के स्रोत हैं। छठ पर्व ऊर्जा का प्रतीक है। जिला मुयालय में भी यह आयोजन किया गया। डूबते सूरज को अर्घ्य देने के बाद मंगलवार की सुबह उगते हुए सूरज को अर्घ्य देंगे और पर्व का समापन करेंगे।
Updated on:
28 Oct 2025 04:09 pm
Published on:
28 Oct 2025 04:09 pm
